स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, जायडस कैडिला के 7 करोड़ डोज सितंबर-अक्टूबर तक आ जाएंगे मार्केट में


भारत की पहली डीएनए वैक्सीन है जायडस कैडिला

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों पर यकीन करना होगा उन पर सवाल खड़े करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि जायडस कैडिला भारत की पहली डीएनए वैक्सीन होगी। जायडस ने अपनी वैक्सीन के तीन चरण के ट्रायल पूरे कर लिए हैं।

नई दिल्ली, पीटीआइ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि सरकार का पूरा फोकस टीकाकरण पर है। इस दिशा में बड़े स्तर पर काम चल रहा है। हमें अपने वैज्ञानिकों पर यकीन करना होगा, उन पर सवाल खड़े करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि अहमदाबाद स्थित Zydus Cadila द्वारा विकसित किए जा रहे COVID-19 वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण समाप्त हो गए हैं और वैक्सीन सितंबर-अक्टूबर तक बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। राज्यसभा में बोलते हुए मंडाविया ने कहा कि कैडिला का ZyCoV-D भारत की पहली डीएनए वैक्सीन होगी और 7 करोड़ खुराक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

ZyCoV-D एक डीएनए प्लास्मिड वैक्सीन है, जो एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए वायरस में आनुवंशिक कोड डीएनए या आरएनए के एक हिस्से का उपयोग करता है। कंपनी ने पहले ही 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन के लिए देश के नियामक को आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (ईयूए) के लिए आवेदन कर दिया है।

संसद के उच्च सदन में एक छोटी अवधि की चर्चा के जवाब में मंडाविया ने कोरोना मौतों की कम संख्या के आरोपों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कोविड ​​​​-19 मौतों का पंजीकरण राज्यों द्वारा किया जाता है और केंद्र ने कभी भी किसी भी राज्य को कम संख्या में मौतों या मामलों को दर्ज करने के लिए नहीं कहा।

अन्य टीकों की उपलब्धता पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविड-19 वैक्सीन कोविशील्ड की 11 से 12 करोड़ खुराक हर महीने उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि भारत बायोटेक अगस्त में कोवैक्सिन की 3.5 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगी।