मालिक के 80 लाख रुपये लेकर फरार ड्राइवर लुधियाना से गिरफ्तार

 


पुलिस ने चोरी के पूरे 80 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल कार बरामद कर ली

दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि साउथ सिटी लुधियाना के रहने वाले 50 वर्षीय अजय गुप्ता ने 16 जुलाई को नेब सराय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी कार से दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सैनिक फॉर्म इलाके में आए थे।

नई दिल्ली ।  नेब सराय थाना पुलिस ने सैनिक फॉर्म से मालिक के 80 लाख रुपये लेकर फरार ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित को लुधियाना से गिरफ्तार कर चोरी के पूरे 80 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपित से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार भी बरामद की है। गिरफ्तार ड्राइवर की पहचान देव नगर लुधियाना पंजाब निवासी 40 वर्ष एक किंदर पाल सिंह के रूप में की गई है।

दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि साउथ सिटी लुधियाना के रहने वाले 50 वर्षीय अजय गुप्ता ने 16 जुलाई को नेब सराय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपनी कार से दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सैनिक फॉर्म इलाके में आए थे। उनके साथ उनका ड्राइवर किंदर पाल भी साथ में था। उन्होंने अपनी कार मुकेश एंड कंपनी के ऑफिस के सामने पार्क कर रखी थी। ड्राइवर के पास ही उन्होंने कार में 80 लाख रुपए रखे थे। वह प्रॉपर्टी डीलर से मिलने उसके ऑफिस में चले गए। वहां से वह प्रॉपर्टी डीलर मुकेश के साथ प्रॉपर्टी देखने के लिए साकेत और महरौली इलाके में गए थे। दोपहर करीब चार पर वापस आए तो देखा कि उनका ड्राइवर गायब है। कार में रखा कैश भी गायब है। उसके बाद उन्होंने नेब सराय थाने में शिकायत दी। जिसके बाद प्रभारी एसएचओ सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में एसआई हुकुमचंद एएसआई संजय, हेड कांस्टेबल कमल सिंह और कांस्टेबल धर्मेंद्र की टीम बनाई गई। जांच करने पर फरार ड्राइवर की पहचान देव नगर लुधियाना पंजाब निवासी किंदर पाल सिंह के रूप में हुआ।

पुलिस टीम ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें जिसमें ड्राइवर बैग ले जाते हुए दिखाई पड़ा। फिर लुधियाना के उसके गांव पर छापेमारी की गई, हालांकि वहां अपने घर पर वह नहीं मिला। वहां पर भी सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें वह इनोवा कार से जाता हुआ दिखाई पड़ा। उसके बाद कई जगहों पर छापेमारी करने के बाद उसे उसके बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास 80 लाख रुपये और इनोवा कार भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ करने पर पता चला कि पिछले 10-12 सालों से वह अजय गुप्ता के घर ड्राइवर की नौकरी कर रहा था, मगर अचानक उसके मन में लालच आ गया और जल्द पैसा कमाने के लिए मालिक का ही पैसा लेकर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

फरार होने से पहले पत्नी से की थी बात

जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपित ने रुपये लेकर फरार होने से पहले अपनी पत्नी से बात की थी। इसके बाद आरोपित घटना स्थल से आटो के जरिए पंजाब हाइवे पर पहुंचा और वहां से बस लेकर अपने दोस्त के पास पहुंच गया। जहां उसने एक इनोवा कार किराए पर ली और उसी से वह अपनी बहन के घर छिप गया था। पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस और गांव से बाहर निकलने के दौरान लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।