राजधानी दिल्ली में मरीजों के ठीक होने की दर हुई 98.21 फीसद

 

 

दिल्ली में सक्रिय मरीजों की संख्या 566 है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में कुल कोरोना मरीजों की संख्या अब 14 लाख 35 हजार 671 हो गई है। जबकि 14 लाख दस हजार 66 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 25 हजार 39 हो गया है। सक्रिय मरीजों की संख्या 566 है।

नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को कोरोना से मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 98.21 फीसद हो गई। वहीं, 62 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले। इसके साथ ही चार मरीजों की मौत हो गई, जबकि 61 मरीज स्वस्थ हुए। वहीं, मृत्यु दर 1.74 फीसद पर स्थिर रही। पिछले 24 घंटोें में 65 हजार 811 सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 0.09 फीसद सैंपल पाजिटिव मिले।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में कुल कोरोना मरीजों की संख्या अब 14 लाख 35 हजार 671 हो गई है। जबकि 14 लाख दस हजार 66 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं, कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 25 हजार 39 हो गया है। सक्रिय मरीजों की संख्या 566 है। फिलहाल 171 मरीज आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। जबकि अस्पतालों में 322 मरीज भर्ती हैं। कोविड केयर सेंटर में 11 मरीजों का इलाज़ चल रहा है। इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन की संख्या घटकर 403 रह गई है।

सब काम छोड़कर लगवाएं कोरोना रोधी टीका: सुनीत

इधर, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नरेला जोन के पूर्व चेयरमैन व बख्तावरपुर वार्ड के पार्षद सुनीत चौहान ने कहा कि कोरोना की आने वाली तीसरी लहर को देखते हुए लोग सब काम को छोड़कर केंद्रों पर जाकर टीका जरूर लगवाएं। वह अपने वार्ड स्थित नगर निगम डिस्पेंसरी में चल रहे टीकाकरण की स्थिति का जायजा ले रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके वार्ड के लोग कोरोनारोधी टीके लगवाने के मामले में जागरूक हैं।

इस बाबत चलाए जा रहे अभियान का असर लोगों पर देखा जा रहा है। जिसके चलते वार्ड में 18 वर्ष से ऊपर के आयु वर्ग वाले अब तक बीस हजार से ज्यादा लोग टीकाकरण करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह वार्ड में लगातार टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वह घर -घर जाकर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह बख्तावरपुर में नगर निगम डिस्पेंसरी व सवरेदय कन्या विद्यालय स्थित केंद्र पर जाकर कोरोनारोधी टीका जरूर लगवाएं।उन्होंने कहा कि देश -विदेश के अनुभव से यह स्पष्ट हो चुका है कि इस महामारी से बचाव में टीकाकरण कारगर उपाय है। हमें इसकी गंभीरता को समझना चाहिए और शारीरिक दूरी का पालन सहित मास्क के इस्तेमाल को लेकर कतई लापरवाही नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महामारी का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में टीकाकरण व सावधानी से हम इसे परास्त कर सकते हैं।