सुप्रीम कोर्ट ने गोविंद सिंह की जमानत याचिका की रद, लगाई मध्य प्रदेश पुलिस को फटकार



सुप्रीम कोर्ट ने गोविंद सिंह की जमानत याचिका की रद

कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या में आरोपी गोविंद सिंह की जमानत याचिका रद करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में ढीले ढाले रवैये को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका को राजनीतिक दबाव से मुक्त होना चाहिए।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या में आरोपी गोविंद सिंह की जमानत रद कर दी। कोर्ट ने जांच में पुलिस के ढीले रवैए पर टिप्पणियां की। कोर्ट ने कहा कि भारत में अमीर,गरीब के लिए अलग अलग दोहरी न्याय व्यवस्था नहीं हो सकती है।  न्यायपालिका को राजनैतिक दबाव से मुक्त होना चाहिए। 

मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और ऋषिकेश राय  की बेंच ने की। कोर्ट ने बसपा विधायक रामबाई प्रजापति के पति आरोपी गोविंद सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस महानिदेशक को आदेश दिया। बता दें कि कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया मर्डर केस में बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह परिहार सहित परिवार के कुछ अन्य लोग आरोपी हैं। मामले में गोविंद सिंह पुलिस रिकॉर्ड में दो साल से फरार है।

इसी साल मार्च में बसपा विधायक रामबाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ जिसमें मर्डर केस में सीबीआई जांच की मांग की गई है। विधायक ने वीडियो में यह भी कहा कि पति गोविंद सिंह के दोषी पाए जाने पर उनको फांसी की सजा देने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मैं स्वयं उन्हें फांसी पर लटका दूंगी।

बसपा विधायक ने इस मामले में पति से सरेंडर की भी अपील की थी। उन्होंने जमानत याचिका दायर करने की बात कही थी और बताया था कि सरेंडर न करने पर याचिका खारिज हो सकती है। मार्च 2019 को कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया का मर्डर हो गया था जिसका आरोप बसपा विधायक के पति गोविंद सिंह परिहार और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर लगा। तब से वो फरार है और पुलिस भी गिरफ्तार करने में अब तक असफल है। गोविंद सिंह की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।