चेन्नई के स्कूलों में यौन अपराधों पर होगी सख्त कार्रवाई, शुरू किया गया ऑनलाइन शिकायत बॉक्स


चेन्नई के स्कूलों में यौन अपराधों पर होगी सख्त कार्रवाई

चेन्नई के स्कूलों में वर्चुअल क्लास के दौरान भी यौन अपराध के मामले सामने आने के बाद शिकायत बॉक्स की शुरुआत की गई है जो ऑनलाइन है। इसके लिए मद्रास हाई कोर्ट की ओर से भी स्कूलों को निर्देश दिया गया था।

चेन्नई, आइएएनएस। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा यौन अपराधों के मामलों पर लगाम लगाने के लिए ऑनलाइन एक पहल की शुरुआत हुई है। दरअसल वर्चुअल क्लास के दौरान भी शिक्षकों द्वारा यौन अपराध के मामले सामने आने के बाद चेन्नई के स्कूलों में शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत करने के लिए वर्चुअल शिकायत बॉक्स लॉन्च किया है। शिकायतों को दर्ज करने के लिए स्कूलों ने ऑनलाइन शिकायत बॉक्स को लॉन्च किया है। इसके तहत स्कूलों की वेबसाइट पर गूगल फॉर्म बनाए गए हैं। कुछ स्कूलों ने तो शिकायत दर्ज करने के लिए विशेष ईमेल आईडी भी बनाया है।

कुछ दिनों पहले ही इसकी शुरुआत हुई है इसलिए अब तक  किसी भी स्कूल ने  यौन अपराधों के खिलाफ बच्चों की रोकथाम (पोक्सो) अधिनियम से संबंधित एक मामला दर्ज नहीं किया है। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस पी. वेलमुरुगन  ने 19 जुलाई को तमिलनाडु सरकार को बच्चों के लिए स्कूल परिसर में यौन शोषण के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए स्कूलों में शिकायत पेटी लगाने का निर्देश दिया है। जस्टिस ने बताया कि इससे छात्रों को बिना किसी झिझक के स्कूल में प्रबंधन समिति, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित स्कूल के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में मदद मिलेगी।

जस्टिस वेलमुरुगन ने यह भी आदेश दिया कि शिकायत पेटियों की चाबियां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority, DLSA) के पास होनी चाहिए और एजेंसी को हर हफ्ते स्कूलों में रखे गए शिकायत पेटियों की जांच करनी होगी। इन बक्सों के निरीक्षण के दौरान DLSA के साथ जिला समाज कल्याण अधिकारी की भी मौजूदगी होनी चाहिए। कोर्ट ने फैसला दिया है कि यदि कोई शिकायत हो तो पुलिस को अवगत कराएं। न्यायाधीश ने जिला स्तरीय समितियों का गठन करने का भी निर्देश दिया जिसमें DLSA, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, महिला पुलिस अधिकारी, मनोचिकित्सक और सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक शामिल हैं, जो भावनात्मक समर्थन की जरूरत वाले बच्चों की सहायता के लिए हैं।