डीयू के नीतिगत फैसले में हाई कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, छात्रों को झटका

 


डीयू के नीतिगत फैसले में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती

 न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने डीयू के फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए कहा कि पेशेवर पाठ्यक्रम की परीक्षा की शर्ताें निर्धारित करने की अनुमति छात्रों को नहीं दे सकते हैं।

नई दिल्ली,  संवाददाता। ओपन बुक परीक्षा को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा लिए गए फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर अहम टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने डीयू के फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए कहा कि पेशेवर पाठ्यक्रम की परीक्षा की शर्ताें निर्धारित करने की अनुमति छात्रों को नहीं दे सकते हैं। पीठ ने कहा कि अदालत विश्वविद्यालय को असाइनमेंट आधारित परीक्षा आयोजित करने के लिए अनिवार्य निर्देश नहीं दे सकती है। पीठ ने कहा कि विश्वविद्यालय के नीतिगत फैसले में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, पीठ ने विश्वविद्यालय से परीक्षाओं के परिणाम जल्द से जल्द घोषित करने को कहा।

चार विधि छात्रों की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई के दोरान विधि संकाय की डीन प्रोफेसर वंदना ने पीठ को बताया कि विचाराधीन परीक्षा जुलाई में ही आयोजित होने की संभावना है और पहले दौर में परीक्षा देने में असमर्थ छात्रों के लिए सितंबर माह में परीक्षा आयोजित की जायेगी। डीयू की ओर से पेश अधिवक्ता सीमा डोलो ने कहा कि बार काउंसिल आफ इंडिया ने परीक्षा आयोजन के संबंध में निर्णय संबंधित संस्थान के विवेक पर छोड़ दिया है फिर चाहे परीक्षा का आयोजन आनलाइन हो, आफलाइन, मिश्रित या फिर असाइनमेंट आधारित हो।अंतिम वर्ष के विधि छात्र की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता सिद्धार्थ सीम ने दलील दी कि पिछले साल के दूसरी और चौथे इंटरमीडिएट सेमेस्टर के लिए आनलाइन ओपन बुक परीक्षा छात्रों के हित में नहीं थी। असाइनमेंट आधारित परीक्षा के लिए दबाव डालते हुए उन्होंने बताया कि आनलाइन ओपन बुक परीक्षा की तारीखें अन्य प्रवेश परीक्षाओं के साथ टकरा सकती हैं।

इस संबंध में कोर्ट ने प्रोफेसर वंदना के आश्वासन को रिकार्ड पर लिया, जिसमें उन्होंने कहा कि जहां तक ​​संभव होगा प्रवेश परीक्षाओं की तारीखों को ध्यान में रखकर ही डेट शीट तय की जाएगी। सभी पक्षों को सुनने के बाद पीठ ने यह कहते हुए चारों याचिकाओं का निपटारा कर दिया कि जुलाई में जो छात्र परीक्षा नहीं दे सकते हैं वे सितंबर में हिस्सा ले सकते हैं।