सीएम योगी आदित्यनाथ का निर्देश- जरूरत के मुताबिक डिजाइन किए जाएं पॉलिटेक्निक व फार्मेसी कोर्स


सीएम योगी ने कहा कि विभिन्न सेक्टरों में पॉलिटेक्निक कोर्स उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की अच्छी मांग है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरत के अनुरूप पॉलिटेक्निक और फार्मेसी के कोर्स डिजाइन किए जाएं। डिमांड के अनुसार इन संस्थाओं की ओर से संचालित कोर्सों को अपग्रेड करना जरूरी है। शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए अन्यथा अच्छी जनशक्ति की उपलब्धता नहीं हो पाएगी।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जरूरत के अनुरूप पॉलिटेक्निक और फार्मेसी के कोर्स डिजाइन किए जाएं। डिमांड के अनुसार इन संस्थाओं की ओर से संचालित कोर्सों को अपग्रेड करना जरूरी है। शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, अन्यथा अच्छी जनशक्ति की उपलब्धता नहीं हो पाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सचिव प्राविधिक शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि राजकीय व अनुदानित/सहायता प्राप्त पॉलिटेक्निक संस्थाओं में शैक्षणिक पदों के लिए एआईसीटीई के विनियम 2019 के अनुसार सातवें वेतनमान की संस्तुतियों को लागू किये जाने और संस्थाओं की सेवा नियमावली बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। सीएम ने नियमावली-1996 (यथासंशोधित) में संशोधन की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए।

फार्मेसी के डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए राज्य सरकार की ओर से अनापत्ति (एनओसी) देने के संबंध में सचिव ने कहा कि पीसीआई की ओर से वर्ष 2019 में फार्मेसी की नवीन संस्थाओं की स्थापना पर अनुमोदन देने पर पांच वर्ष तक रोक है। वहीं, पूर्व से संचालित संस्थाओं में प्रवेश क्षमता में वृद्धि व नये फार्मेसी पाठ्यक्रम को संचालित करने में छूट दी गई है। पीसीआई ने 31 दिसंबर, 2020 के सर्कुलर में प्रविधान किया है कि यदि राज्य सरकार शासनादेश जारी कर एनओसी की व्यवस्था को समाप्त करती है तो अलग से राज्य सरकार की ओर से संस्थाओं को एनओसी निर्गत करने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी संस्था की ओर से एनओसी अप्लाई करने पर उसे समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। एनओसी आनलाइन देने की व्यवस्था की जाए।

प्रधानाचार्य, कर्मशाला अधीक्षक व पुस्तकालयाध्यक्षों के 1,357 पदों पर होगा चयन : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया गया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को 23 जून को प्रधानाचार्यों, कर्मशाला अधीक्षकों व पुस्तकालयाध्यक्षों के 1,357 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने इन पदों पर शीघ्र तैनाती की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।