पूछा- क्या बकरीद पर बकरों का कत्ल क्रूलटी आफ एनिमल नहीं

 

हरियाणा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने मेनका गांधी से 

ज्ञान चंद गुप्ता व मेनका गांधी की फाइल फोटो।

हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री व पशु प्रेमी मेनका गांधी से सवाल पूछा कि बकरीद पर देशभर में लाखों बकरों की बलि दी जाती है क्या यह क्रूटली आफ एनिमल नहीं है।

 संवाददाता, पंचकूला। बकरीद पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के ट्वीट ने हड़कंप मचा दिया। बकरीद पर गुप्ता का ट्वीट पूरा दिन चर्चा का विषय बना रहा। गुप्ता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु प्रेमी मेनका गांधी को एक ट्वीट कर जवाब मांगा कि बकरीद के अवसर पर पूरे देश में लाखों बकरों का कत्ल किया जा रहा है। क्या यह क्रूलटी आफ एनिमल नहीं है? हालांकि मेनका गांधी की ओर से कोई जवाब अब तक नहीं आया।

ट्वीट में ज्ञान चंद गुप्ता ने लिखा कि पूरे देश में बकरीद के मौके पर इन बेजुबान पशुओं के कत्ल को रोकने के लिए मेनका गांधी द्वारा संचालित संस्था क्रूलटी आफ एनिमल क्या कदम उठा रही है? बेजुबान किसी भी जानवर पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। मेनका गांधी को भी सभी पशुओं को एक नजर से देखना चाहिए। जब वह पशु प्रेमी हैं, तो सभी पशुओं के प्रति उनका एक जैसा प्यार होना चाहिए और जो भी पशुओं पर क्रूरता करता है, तो उस पर भी मेनका गांधी को संज्ञान लेना चाहिए।

बता दें कि पंचकूला में स्ट्रे डाग्स के लिए एक डाग पौंड तैयार किया गया था, जिसमें कुत्तों के रहने, खाने-पीने एवं इलाज की व्यवस्था की गई थी। जब इस डाग पौंड का उद्घाटन हो गया और कुत्तों को रखने की बारी आई, तो मेनका गांधी की संस्था की ओर से पंचकूला प्रशासन, नगर निगम एवं जनप्रतिनिधियों को नोटिस भेज दिया गया था कि यह स्ट्रे डाग्स पर क्रूरता है। उन्हें कहीं पर कैद करके नहीं रखा जा सकता।

संस्था ने कहा कि यदि कोई ऐसा करेगा, तो उस पर केस दर्ज करवाया जाएगा। इसके बाद नगर निगम को अपने फैसले को बदलना पड़ा था और अब केवल डाग पौंड को कुत्तों के स्टरलाइजेशन के लिए प्रयोग किया जा रहा है।कहीं न कहीं ज्ञान चंद गुप्ता के ट्वीट को क्रूलटी आफ एनिमल के उसी नोटिस से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उसने पंचकूला में कुत्तों को डॉग पौंड में रखने पर एफआइआर की धमकी दी थी।