क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

 


एसबीआइ क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे एसबीआइ कार्ड के प्रतिनिधि के तौर पर एक फोन काल आई जिसमें आरोपितों ने उससे आधार कार्ड पैन कार्ड बैंक स्टेटमेंट और डिटेल्स ले ली जिसके बाद गलत किया गया।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दक्षिण जिले की साइबर सेल टीम ने एसबीआइ क्रेडिट कार्ड बनाने के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से नौ अलग-अलग बैंकों के क्रेडिट कार्ड, तीन मोबाइल और बड़ी संख्या में लोगों की जानकारियां बरामद की है। आरोपितों की पहचान बरेली के रहने वाले आकाश श्रीवास्तव और दिल्ली के रहने वाले विकास गुप्ता के रूप में की गई है। दक्षिण जिले के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसे एसबीआइ कार्ड के प्रतिनिधि के तौर पर एक फोन काल आई जिसमें आरोपितों ने उससे आधार कार्ड पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और डिटेल्स ले ली।

इसके बाद पीड़ित को बैंक द्वारा सूचित किया गया कि उसके खाते से 1.64 लाख रुपये की रकम लोन ली गई है। साइबर सेल की टीम ने जांच शुरू की तो पता चला कि जेस्ट मनी नामक एप से पीड़ित के कागजातों की सहायता से 1.64 लाख रुपये का लोन लेकर बरेली के ओम इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी को दिया गया।

पुलिस टीम ने जेस्ट मनी के अधिकारियों से पूछताछ कर दिल्ली के न्यू अशोक नगर से विकास गुप्ता को गिरफ्तार किया। विकास की निशानदेही पर ही बरेली से दूसरे अभियुक्त को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वह पहले काल सेंटर में काम करते थे।

लाकडाउन में काम छूटने के बाद वे ठगी करने लगे। वह क्रेडिट कार्ड दिलाने के नाम पर लोगों को फोन कर जानकारी एकत्र करते और उस जानकारी के जरिए जेस्ट मनी नाम के एप से लोन ले लेते। जेस्ट मनी में वह शुरू की तीन किश्त जमा कर देते थे। एकाउंट वेरिफाई होने के बाद पीड़ित को जेस्ट मनी से वसूली की काल जाने लगती थी। देरी से जानकारी होने के कारण पीड़ित शिकायत नहीं कर पाता था।