किन नए चेहरों को मिला मौका और किन्‍हें किया गया प्रोमोट...


केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जानें किन नए चेहरों को मिल सकता है मौका और किन्‍हें किया जाएगा प्रोमोट...

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में आज शाम को विस्तार होने जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्‍तार से पहले कई मंत्रियों की छुट्टी हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और श्रम मंत्री संतोष गंगवार समेत कई मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दिया है।

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में आज शाम को विस्तार होने जा रहा है। मंत्रिमंडल विस्‍तार से पहले कई मंत्रियों की छुट्टी हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और श्रम मंत्री संतोष गंगवार समेत कई मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दिया है। कैबिनेट फेरबदल और विस्तार से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्री पद के संभावित चेहरों के साथ अपने आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया और सर्बानंद सोनोवाल सभी संभावित मंत्री मौजूद थे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। आइए जानें किन नए चेहरों को मिल सकता है मौका और किन्‍हें किया जाएगा प्रोमोट...

43 चेहरे होंगे शामिल

कैबिनेट विस्तार में 43 चेहरों को शामिल किया जाएगा। जिन नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है उनमें भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव, मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य नारायण राणे, असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, हरियाणा के सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल, दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी, यूपी के खीरी से सांसद अजय मिश्रा और पश्चिम बंगाल के बनगांव के सांसद शांतनु ठाकुर प्रमुख हैं।

इन नेताओं को मिल सकता है मौका

उत्तराखंड के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट, कर्नाटक के उडुपी चिकमगलूर से सांसद शोभा करंदलाजे, महाराष्ट्र के बीड से सांसद प्रीतम मुंडे, महाराष्ट्र के भिवंडी से सांसद कपिल पाटिल, महाराष्ट्र के ही दिन्डोरी से सांसद भारती पवार को भी मौका दिया जा सकता है। इसकी संभावना इसलिए जताई जा रही है क्‍योंकि‍ प्रधानमंत्री आवास पर हुई बैठक में ये सभी नेता शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि‍ मंत्रिपरिषद में युवाओं और प्रशासिनक क्षमता वाले नेताओं को तरजीह दी जाएगी।

कुछ किए जाएंगे प्रोमोट

सूत्रों ने बताया कि‍ कुछ मंत्रियों को पदोन्नत भी किया जा सकता है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, नागर विमानन मंत्रालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी समेत कुछ अन्य मंत्रियों की पदोन्नति हो सकती है। यही नहीं बंदरगाह, पोत एवं जलमार्ग परिवहन मंत्रालय के साथ ही रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्यमंत्री मनसुख भाई मांडविया, विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आरके सिंह को भी प्रोमोट किया जा सकता है।

जदयू कोटे से इन्‍हें मिलेगी तरजीह

सूत्रों की मानें तो सहयोगी दलों से जदयू कोटे से कई चेहरों को मौका दिया जा सकता है। जदयू के आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है। यही नहीं तीन और नेताओं को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। यही नहीं अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल और लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गुट के पशुपति पारस को भी मंत्री बनाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि‍ प्रधानमंत्री से मिलने वाले सभी नेता, शाम छह बजे राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शरीक होंगे।

कुछ मंत्रियों की हुई छुट्टी

केंद्रीय मंत्रिपरिषद से कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो गई है। सूत्रों ने बताया कि‍ केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, शिक्षा राज्यमंत्री संजय धोत्रे, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री देवोश्री चौधरी और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री संतोष गंगवार (स्वतंत्र प्रभार) ने इस्तीफा दे दिया है। कुछ और मंत्रियों के इस्तीफा देने की खबरें हैं। सूत्रों की मानें तो रमेश पोखरियाल निशंक ने स्वास्थ्य वजहों के चलते अपना इस्तीफा दिया है। निशंक कुछ समय पहले ही कोरोना से संक्रमित हो गए थे।

दूसरी कार्यकाल का पहला विस्‍तार

उल्‍लेखनीय है कि‍ प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने मई 2019 में 57 मंत्रियों के साथ अपना दूसरा कार्यकाल शुरू कि‍या था। इसके बाद पीएम मोदी पहली बार केंद्रीय मंत्रिपरिषद में विस्तार करने वाले हैं। मौजूदा मंत्रिपरिषद में कुल 53 मंत्री हैं। नियम के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अधिक से अधिक 81 सदस्‍य हो सकते हैं। माना जा रहा है कि‍ मंत्रिमंडल विस्‍तार में उत्तर प्रदेश और बिहार को बड़ा हिस्सा मिलेगा। यही नहीं ओबीसी मंत्रियों की संख्या 25 तक हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि‍ केंद्र सरकार इस विस्‍तार में शिक्षित और युवा सदस्यों देने जा रही है।