मेरी आत्महत्या की वजह महिला थाना प्रभारी हैं.., सामने आया सिपाही वर्षा राय का सुसाइड नोट

 


महिला सिपाही ने खा ली थीं नींद की गोलियां।

नींद की गोलियां खाने वाली महिला सिपाही ने सुसाइड नोट में महिला थाना प्रभारी को वजह बताया था और उनके निलंबन की मांग की थी। उसका सुुसाइड नोट सामने आने के बाद मामले में डीसीपी ने एडीसीपी को जांच सौंपी दी है।

कानपुर। मेरी आत्महत्या की वजह महिला थाना प्रभारी स्नेहलता सिंह हैं.., जिस दिन से मैंने थाने में आमद कराई है, उसी दिन से इन्होंने परेशान कर रखा है। ड्यूटी समाप्त होने के बाद भी परेशान करती है। 16 जुलाई को मेरी हमराही ड्यूटी थी, पूरा दिन ड्यूटी पर थी। रात आठ बजे कमरे पर आई और 10 बजे सो गई। अगले दिन फिर हमराही ड्यूटी थी। रात 11 बजे थाना प्रभारी ने फोन कराया और खुद फोन किया। कूलर की आवाज में रिंग न सुनाई देने पर फोन नहीं उठा सकी तो इन्होंने रपट गैरहाजिरी लिखा दी। भला 24 घंटे मैं हमराही ड्यूटी कैसे कर सकती हूं। सभी थानों में दिन व रात के अलग हमराही हैैं। अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती। मेरे मरने के बाद स्नेहलता निलंबित होनी चाहिए...। रविवार रात साकेत नगर स्थित आवास पर नींद की गोलियां ज्यादा मात्रा में खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला थाने की सिपाही वर्षा राय का यह सुसाइड नोट मंगलवार शाम सामने आया है। यह सुसाइड नोट उसने दवा खाने से पहले लिखा था।

सुसाइड नोट में वर्षा ने थाना प्रभारी इंस्पेक्टर स्नेहलता पर तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार सुबह निजी अस्पताल में इलाज के बाद वर्षा की हालत में सुधार हुआ तो पति व अन्य स्वजन उसे झांसी ले गए। सूत्रों के मुताबिक आत्महत्या के प्रयास की जानकारी पर महिला थाना प्रभारी भी उसे देखने अस्पताल पहुंचीं, लेकिन सिपाही ने उनसे बात नहीं की। इसके बाद एसीपी बाबूपुरवा ने सिपाही के पति से बात की थी। फिलहाल मामले की जांच डीसीपी साउथ ने एडीसीपी (महिला संबंधी अपराध) शिवाजी को सौंपी है।

पिंक चौकी में पोस्टिंग चाहती थी वर्षा : पत्र में वर्षा ने यह भी लिखा है कि अपनी बच्ची की देखभाल के लिए वह पिंक चौकी में स्थानांतरण चाहती है। इसके लिए डीसीपी साउथ रवीना त्यागी से मिली। डीसीपी ने वर्षा के पत्र पर ही महिला थाना प्रभारी को आदेश दिया था कि इस लड़की को पिंक चौकी भेज दिया जाए। यह प्रार्थना पत्र लेकर जब वर्षा स्नेहलता के पास गई तो कहने लगी कि तुम यहीं महिला थाने में ड्यूटी करोगी, मैं कहीं नहीं भेजूंगी। यही नहीं वर्षा ने जब कहा कि आप आइपीएस अधिकारी का आदेश नहीं मानोगी तो कहने लगी कि ऐसे पता नहीं कितने आदेश आते रहते हैं। उस बहस के बाद से स्नेहलता परेशान कर रही है। यही नहीं, थाने की और सिपाही भी परेशान हैं, लेकिन चुप हैं।-महिला कांस्टेबल की हालत में सुधार होने के बाद उसे उसके स्वजन घर ले गए हैं। कांस्टेबल ने महिला थाना प्रभारी पर जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच एडीसीपी शिवाजी कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -रवीना त्यागी, डीसीपी साउथ