केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद बाबुल सुप्रियो के राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें, टीएमसी डाल रही है डोरे


केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद बाबुल सुप्रियो के राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें। फाइल फोटो

बाबुल सुप्रियो का राजनीति में पदार्पण जितना नाटकीय रहा उसी तरह वे इसे अलविदा भी कह सकते हैं। बाबुल बंगाल की आसनसोल सीट से सांसद हैं। राजनीति छोड़ने के लिए उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देना होगा।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद जिस तरह राजनीति से दूरी बनाते जा रहे हैं, उससे उनके राजनीति से संन्यास लेने की अटकलें शुरू हो गई हैं। बाबुल पिछले सात वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति अपना क्षोभ जाहिर किया था। बाबुल का राजनीति में पदार्पण जितना नाटकीय रहा, उसी तरह वे इसे अलविदा भी कह सकते हैं। बाबुल बंगाल की आसनसोल सीट से सांसद हैं। राजनीति छोड़ने के लिए उन्हें सांसद पद से इस्तीफा देना होगा। बाबुल के करीबियों का कहना है कि जिस दिन वे राजनीति छोड़ने का इरादा कर लेंगे, सांसद पद छोड़ने में उन्हें जरा भी वक्त नहीं लगेगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ बाबुल के इन दिनों अच्छे संबंध नहीं हैं। कई मुद्दों पर बाबुल के साथ उनकी बहस हो चुकी है। इसे लेकर पार्टी की अनुशासन रक्षा कमेटी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जा सकता है। बाबुल ऐसा होने से पहले ही राजनीति से संन्यास ले लेना चाहते हैं। दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस भी बाबुल पर डोरे डाल रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बाबुल सुप्रियो को मंत्रिपद से हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अब तो बाबुल सुप्रियो भी उनके लिए खराब हो गए। बाबुल के प्रति ममता के नरम रवैये के बाद उनके तृणमूल का झंडा थामने के भी कयास लग रहे हैं। बाबुल हालांकि इस समय चुप्पी साधे हुए हैं। उनके एक करीबी ने बताया कि बाबुल फिलहाल कुछ दिनों तक राजनीति से दूर रहना चाहते हैं।

गौरतलब है कि बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल सांसद व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सार्वजनिक भाषण में महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया था। बाबुल ने ट्वीटर पर अभिषेक बनर्जी के भाषण का एक वीडियो क्लिपिंग साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'महिलाओं के बारे में ऐसे बुरे विचार भाइपो (भतीजे) के अलावा और किसी की नहीं हो सकती। आपकी पार्टी में कई महिला नेता हैं, क्या आप उन्हेंं कमजोर कह रहे हैं? भाई आप भूल गए है क्या कि आपके पार्टी के प्रमुख भी एक महिला है? यह सोचकर हैरानी होती है कि जो लोग संस्कृति के नाम पर डींग हांकते हैं, उनकी अपनी कोई संस्कृति नहीं है। अभिषेक ने एक बैठक में कथित तौर पर पार्टी की महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा था कि केवल बड़ी-बड़ी बातें करने से काम नहीं चलेगा, तृणमूल कांग्रेस करने के लिए दम चाहिए। यदि आप में दम नहीं है तो घर के अंदर जाए, साड़ी और चूड़ियां पहनें।