चीन में उइगर मुसलमानों पर अत्याचार के खिलाफ कनाडा से उठी आवाज, पीएम ट्रूडो से कार्रवाई की मांग

 


ओटावा में 200 लोगों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने कनाडा सरकार और ओलंपिक समिति से बीजिंग 2020 ओलंपिक का बहिष्कार करने का आग्रह किया है। यह विरोध प्रदर्शन उन 33 कनाडाई सीनेटरों के फैसले के खिलाफ भी था जिसमें उइगर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को नरसंहार की मान्यता नहीं दी गई थी।

ओटावा, एएनआइ। चीन में उइगर मुसलमानों के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ कनाडा में रैली निकाली गई। रविवार को देशभर के 200 लोगों ने ओटावा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यालय के बाहर यह रैली निकाली और कनाडा सरकार से उइगर नरसंहार को रोकने के लिए कार्रवाई करने की अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं भी शामिल हुए। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में टोरंटो से ओटावा तक 15 दिनों का मार्च आयोजित किया गया था।

रैली में शामिल एक उइगर मुस्लिम बिलाल मलिक ने बताया कि उन्होंने अपना 15 दिनों का मार्च पूरा कर लिया है और वो रविवार को विभिन्न संगठनों द्वारा हस्ताक्षरित एक संयुक्त पत्र देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कनाडा सरकार और ओलंपिक समिति से बीजिंग 2020 ओलंपिक का बहिष्कार करने का आग्रह किया है। यह विरोध प्रदर्शन उन 33 कनाडाई सीनेटरों के फैसले के खिलाफ भी था जिसमें उइगर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा को नरसंहार की मान्यता नहीं दी गई थी।

इंडिपेंडेंट सीनेटर ग्रुप (ISG) के नेता यूएन पाउ वू ने 28 जून को सीनेट में कहा कि कनाडा को उइगर और अन्य तुर्क मुसलमानों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन के लिए चीन की आलोचना करने से बचना चाहिए। बता दें कि चीन में बड़े पैमाने पर उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार हनन के खिलाफ कनाडा के पूर्वी तुर्किस्तान एसोसिएशन ने 15 दिवसीय वॉकिंग प्रोटेस्ट शुरू किया था।

संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह फ्रीडम मार्च 4 जुलाई, 2021 को टोरंटो से ओटावा तक के लिए आयोजित किया गया था। आयोजकों के मुताबिक, इस पैदल विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य पूर्वी तुर्किस्तान (चीन में शिनजियांग) में चल रहे उइगर नरसंहार के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

आयोजकों का उद्देश्य चीनी सरकार द्वारा 5 जुलाई को किए गए उरुमकी नरसंहार के पीड़ितों का सम्मान करना है। 5 जुलाई, 2009 को चीनी सरकार द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई में उरुमकी, शिनजियांग में हजारों उइगर प्रदर्शनकारी मारे गए, गायब हो गए या घायल हो गए थे।