प्रशासन का चक्रव्यूह तोड़ श्रद्धालुओं ने लगाईं गोवर्धन की परिक्रमा, काम न आये बैरियर

 


परिक्रमा के सभी बैरियरों पर दिनभर मुस्तैद दिखाई दिए पुलिसकर्मी।
 तीनों प्रमुख मंदिरों के बंद रहे कपाट। परिक्रमा के सभी बैरियरों पर दिनभर मुस्तैद दिखाई दिए पुलिसकर्मी। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिये गए कि अगर बाहरी वाहन का प्रवेश हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।

आगरा। कोरोना संक्रमण के चलते पांच दिवसीय मुड़िया पूर्णिमा मेला निरस्त होने के बाद प्रशासन ने गोवर्धन की सीमाओं को सील कर दिया। परंतु आस्था के पथ पर भक्ति की पदचाप को नहीं रोक पाया। हालांकि भीड़ तो नहीं हो पाई, लेकिन कुछ परिक्रमार्थी परिक्रमा देते नजर आए। तीनों प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद रहे तो ब्रजभूमि की दिव्यता में भव्यता का समावेश नजर नहीं आया।

मंगलवार को एसडीएम राहुल यादव और सीओ रविकांत पाराशर ने गोवर्धन परिक्रमा के सभी बैरियरों का निरीक्षण किया और अधीनस्थों को निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिये गए कि अगर बाहरी वाहन का प्रवेश हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि मुड़िया मेला निरस्त होने के बाद भीड़ की आशंका को देखते हुए रणनीति के तहत इंतजाम किए गए हैं। जिसमें पहले दिन लोगों को आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों के प्रवेश पर रोक नहीं लगी है। उन्होंने बताया कि परिक्रमा मार्ग के आश्रम, धर्मशाला व गेस्टहाउस संचालकों को निर्देश दिये हैं कि कमरा बुक कराने वाले श्रद्धालुओं को मेला निरस्त होने से अवगत कराएं। सीओ रविकांत पाराशर ने बताया कि पुलिसकर्मी सभी बैरियर पर मुस्तैद हैं। बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उक्त व्यवस्थाओं के बावजूद मेला के पहले दिन भीड़ को रोकने में भले ही प्रशासन सफल रहा। परंतु कुछ श्रद्धालु चाक चौबंद व्यवस्थाओं को धता बताकर परिक्रमा देने पहुंच गए।