सुप्रीम कोर्ट में फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजीत मोहन की याचिका खारिज, दिल्ली विधानसभा समिति के समन को दी थी चुनौती


फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, फैसला आज

दिल्ली हिंसा मामले में समन के आदेश को चुनौती देते हुए फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजीत मोहन की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसमें दिल्ली विधानसभा की शांति और सौहार्द समिति द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती दी गई थी।

नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट अजीत मोहन  की याचिका को खारिज कर दिया।  इस याचिका में दिल्ली विधानसभा समिति द्वारा दिल्ली हिंसा मामले में जारी किए गए समन को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई करने वाली जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी व जस्टिस ऋषिकेश राय की बेंच ने 24 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

 दरअसल पिछले साल दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में समिति के सामने पेश न होने पर अजीत मोहन को समन भेजा गया था। जस्टिस संजय किशन कौल (Sanjay Kishan Kaul), दिनेश माहेश्वरी (Dinesh Maheshwari) और ऋषिकेश रॉय ( Hrishikesh Roy) ने अजीत मोहन की याचिका को अपरिपक्व करार दिया और कहा कि दिल्ली विधानसभा समिति के समक्ष उनके खिलाफ कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने पिछले साल के 10 और 18 सितंबर को समिति द्वारा जारी किए गए नोटिस को चुनौती दी। बता दें कि यही समिति दिल्ली हिंसा मामलों और हेट स्पीच को फैलाने में फेसबुक की भूमिका को लेकर जांच कर रही है।

कोर्ट में अजीत मोहन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा था कि शांति व सौहार्द मामले की पड़ताल के लिए विधानसभा के पास समिति गठन की कोई विधायी शक्ति नहीं है। जबकि समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने कहा था कि विधानसभा के पास समन जारी करने का अधिकार है।कोर्ट ने कहा था कि गत 23 सितंबर का उसका आदेश अगले आदेश तक जारी रहेगा, जिसमें समिति से मोहन के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने को कहा गया था। 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान फेसबुक इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक अजीत मोहन ने शांति और सौहार्द के मुद्दे पर समिति गठित करने के दिल्ली विधानसभा के विधायी अधिकार पर सवाल उठाए थे।