राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी कितनी बची है कोरेाना वैक्‍सीन और कितनी हुई खराब

 

 

राज्‍यों के पास टीकाकरण को है पर्याप्‍त वैक्‍सीन

भारत के सभी राज्‍यों में कोरोना वैक्‍सीन की पर्याप्‍त खुराक मौजूद है। केंद्र द्वारा मुहैया करवाई गई जानकारी के मुताबिक अब तक 1.44 करोड़ का इस्‍तेमाल अभी राज्‍यों केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्‍पतालों द्वारा नहीं किया गया है।

नई दिल्‍ली (पीटीआई)। भारत तेजी से वैक्‍सीनेशन की तरफ आगे कदम बढ़ रहा है। इस बीच वैक्‍सीन की कमी किसी भी तरह से दिखाई नहीं दे रही है। राज्‍यों के पास वैक्‍सीन की अतिरिक्‍त खुराक भी मौजूद है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से दी गई ताजा जानकारी में बताया गया है कि राज्‍यों के पास करीब 1.44 करोड़ वैक्‍सीन की अतिरिक्‍त खुराक मौजूद है। इनका अभी तक इस्‍तेमाल नहीं किया गया है।

केंद्र द्वारा दिए गए आंकड़े में राज्‍य और केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्‍पतालों में इस्‍तेमाल न होने वाली वैक्‍सीन की खुराक के बारे में बताया गया है। मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि विभिन्‍न राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समस्‍त योजनाओं और समस्‍त माध्‍यमों के जरिए वैक्‍सीन की करीब 38.60 खुराक मुहैया करवाई गई थीं। वहीं 1125140 वैक्‍सीन की खुराक फिलहाल पाइप लाइन में हैं। इसका अर्थ है कि ये खुराक अभी आगे राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी जानी हैं।

केंद्र ने जो आंकड़ा और जानकारी मुहैया करवाई है उसके मुताबिक अब तक 371647625 वैक्‍सीन की खुराक इस्‍तेमाल में आई हैं। इसमें वैक्‍सीन की वो खुराक भी शामिल है जो विभिन्‍न कारणों से बर्बाद हो गई हैं। केंद्र द्वारा मुहैया करवाया गया आंकड़ा रविवार सुबह आठ बजे तक का है। आपको बता दें कि वैक्‍सीनेशन का नया फेज 21 जून से शुरू हुआ था। भारत में चलाया जा रहा है वैक्‍सीनेशन दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि कुछ वक्‍त पहले वैक्‍सीन की कमी की वजह से वैक्‍सीनेशन सेंटर के बंद होने की खबरों आई थीं। लेकिन अब वैक्‍सीन की पर्याप्‍त खुराक राज्‍यों के पास मौजूद है।

इस बीच केंद्र और राज्‍य सरकार की सभी एजेंसियों द्वारा लोगों को वैक्‍सीन के प्रति जागरुक किया जा रहा है। साथ ही उन्‍हें ये भी बताया जा रहा है कि अभी ये महामारी खत्‍म नहीं हुई है, इसलिए इस वायरस के प्रति लापरवाही न बरतें, अन्‍यथा इसकी रोकथाम में हाथ लगी प्रगति भी बेकार हो जाएगी।