हाईस्‍पीड ट्रेनों से अधिक सुरक्षित रहेगा रैपिड रेल का सफर, प्‍लेटफार्म स्‍क्रीन डोर का हुआ ट्रायल


(Delhi- Ghaziabad- Meerut Rapid Rai ) रैपिड रेल का सफर पूरी तरह सूरक्षित होगा ।

 दिल्‍ली से मेरठ के बीच में बन रहे रैपिड रेल के प्‍लेटफार्म स्‍क्रीन डोर का ट्रायल किया गया। जिसमें इसकी खास खुबिया सामने आई। यह दुनिया की हाईस्‍पीड ट्रेनों की तरह ही सुरक्षित है। इसके स्‍टेशनों पर यात्री पूरी तरह सूरक्षित रहेंगे।

मेरठ। दिल्‍ली से मेरठ के बीच में बन रहे रैपिड रेल के प्‍लेटफार्म स्‍क्रीन डोर का ट्रायल किया गया। जिसमें इसकी खास खुबिया सामने आई। यह दुनिया की हाईस्‍पीड ट्रेनों की तरह ही सुरक्षित है। इसके स्‍टेशनों पर यात्री पूरी तरह सूरक्षित रहेंगे। यात्री चाहकर भी ट्रैक पर नहीं पहुच पाएंगे। जबतक स्‍टेशन पर रैपिड रेल नहीं आएगी तबतक स्‍क्रीन डोर नहीं खुलेंगे। इससे दुर्घटना जैसी कोई बात ही नहीं रह जाएगी। प्‍लेटफार्म स्‍क्रीन डोर को भारत इलेक्‍ट्रानिक लिमिटेड ने तैयार किया है।

एनसीआरटीसी (NCRTC) ने इसका सफल ट्रायल है। केंद्रीय शहरविकास मंत्री के सचिव दुर्गाशंकर मित्र के सामने इसका ट्रायल पूरा किया गया। जिसको दुर्गाशंकर ने अपने ट्वीटर हैड़ल से ट्वीट करके जानकारी दी है। उन्‍होंने इसकी खुबियों पर प्रकाश डालते हुए हा कि रैपिड रेल शहर और नगरी परिवहन व्‍यवस्‍था को रफ्तार देने के साथ ही सुरक्षित भी होगी। इसके लिए एनसीआरटीसी की ओर से बेहतर प्रयास किया जा रहा है। उन्‍होने कहा कि दिल्‍ली मेट्रो पर हो रहे हादसों को देखते हुए एनसीआरटीसी ने प्‍लेटफार्म पर स्‍क्रीन डोर लगाने का निर्णय लिया है। रैपिड रेल का सफर सुरक्षित हो इसके लिए सुरक्षित योजना पर काम किया जा रहा है। यह कार्य प्रधानमंत्री के आत्‍मनिर्भर भारत के तहत किया जा रहा है। उन्‍होने कहा कि इससे लोगों को सफर करने में सुविधा के साथ सुरक्षा भी होगी।

पारदर्शी होंगे दरवाजे 

अधिकारियों के अनुसार रैपिड रेल के दरवाजों को पारदर्शी रखा जाएगा तो हादसों की संभावना कम होगी। रैपिड रेल के प्‍लेटफार्म पर आते ही दरवाजे खुल जाएंगे। पारदर्शी दरवाजे होने से लोगों को प्‍लेटफार्म पूरी तरह दिखेगा। इससे न तो कोई हड़बड़ाहट होगी और न ही भ्रम होगी। जिस कारण हादसा होने की संभावना खत्‍म हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि स्‍क्रीन डोर बैरियर का काम करेंगे, जिससे यात्री आराम से चढ़-उतर सकेंगे।

दिल्‍ली मेट्रो (Delhi Metro) ट्रेन पर हादसों को देखकर तैयार की गई स्‍क्रीर डोर

अधिकारियों का कहना है कि दिल्‍ली मेट्रो पर हो रहे हादसों के मद्देनजर स्‍क्रीन डोर तैयार किया जा रहा है। ताकि रैपिड रेल में हादसों की संभावना न हो या जो आत्‍महत्‍या का इरादा बनाए वे भी कुछ न कर पाए। हालाकि दिल्‍ली मेट्रो पर भी कई जगहों पर स्‍क्रीन डोर लगाया गया है। लेकिन अभी भी कई जगाहों पर बाकी है। रैपिड रेल के हर प्‍लेटफार्म पर स्‍क्रीन डोर लगाया जाएगा। इसकी लंबाई और चौड़ाई ट्रेन व दरवाजे के अनुसार ही रखी जाएगी, ताकि आने जाने में सरलता हो।

160 किमी की रफ्तार से चलेगी ट्रेन अधिकारियों के अनुसार रैपिड रेल 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इससे हर दस मिनट पर आने- जाने के लिए ट्रेन होगी। बता दें कि इसी ट्रैक पर मेरठ दिल्‍ली के बीच मेट्रो भी चलाई जाएगी। जिसका काम भी जारी है।