उन्नाव में घर के बाहर फंदे से लटकता मिला वृद्ध का शव, घटनास्थल का माहौल हत्या की दे रहा था गवाही

 



उन्नाव में फांसी से लटकते मिले शव की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

कोतवाली प्रभारी मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया है कि मृतक की बहू की सूचना पर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। उसके दिल्ली में रह रहे दो बेटों को सूचना देकर बुलाया गया है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। घटना की जांच की जा रही है।

उन्नाव। घर के बाहर रखे छप्पर से एक वृद्ध का शव फंदे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। शव को देखकर उसकी मौत के पीछे आशंकाओं का दौर तेज हो रहा है। चर्चा रही कि उसकी हत्या कर शव छप्पर से टांग दिया गया है। पुलिस ने पीएम रिपोर्ट आने पर हत्या के सही कारण का पता चलने और उसी आधार पर जांच करने की बात कही है। 

यह है मामाला: बांगरमऊ कोतवाली अंतर्गत बिराइचामऊ निवासी 65 वर्षीय बैजनाथ पुत्र पुत्तीलाल का शव बुधवार सुबह ग्रामीणों ने उसके घर के बरामदे में पड़ी चारपाई के ऊपर रखे छप्पर में बांस में कपड़े के फंदे से लटकता देखा। मृतक की बड़ी बहू सीता पत्नी कुलदीप की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। घटना को लेकर कहा जा रहा है कि मृतक के दोनों पैर चारपाई के सहारे घुटनों तक मुड़े थे। जिससे ग्रामीणों में घटना को देकर शंका बनी हुई है। ग्रामीणों में चर्चा है मृतक का बुधवार शाम उसके मंझले बेटे प्रदीप से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के समय उसकी पत्नी, साला और दो अन्य लोग मौके पर मौजूद थे। लेकिन घटना के बाद से वे लोग फरार हैं। स्वजन ने बताया कि मृतक का बड़ा बेटा कुलदीप और सबसे छोटा सतीश परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। बड़े बेटे की पत्नी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने दूसरे घर मेें रहती है। उसी ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि उसका देवर प्रदीप भी दिल्ली में परिवार सहित रहता था। वह लॉकडाउन में लौटा था और तब से यहीं था। इनका ये है कहना: कोतवाली प्रभारी मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया है कि मृतक की बहू की सूचना पर शव पोस्टमार्टम को भेजा है। उसके दिल्ली में रह रहे दो बेटों को सूचना देकर बुलाया गया है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। घटना की जांच की जा रही है। 

अकेले रहता था वृद्ध, पेंशन से करता था गुजारा: ग्रामीणों ने बताया कि वृद्ध उस घर में अकेले रहता था। उसे काफी कम दिखता था। यह निजी कार्य भी मुश्किल से कर पाता था। सरकारी पेंशन के पैसों से वह अपनी जरूरतें पूरी करता था।