क्रिश्चेयन मिशेल की जमानत याचिका पर सीबीआइ-ईडी को नोटिस

 


क्रिश्चेयन मिशेल की जमानत याचिका पर सीबीआइ-ईडी को नोटिस

 अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी चापर घोटाला मामले में आरोपित बिचौलिया ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र वर्ष 2017 में दाखिल किया गया था।

नई दिल्ली,  संवाददाता। अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी चापर घोटाला मामले में आरोपित बिचौलिया ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने दोनों एजेंसी को नोटिस जारी कर सुनवाई 21 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है। 18 जून को जमानत देने से इन्कार करने के राउस एवेंयू कोर्ट के फैसले को मिशेल ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। मिशेल ने याचिका में दलील दी है कि उनकी नजरबंदी और हिरासत गैरकानूनी है और इस तरह के आरोप से पहले ही उन्हें इटली की अदालतों से बरी किया जा चुका है।

मिशेल की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता एल्जो के जोसेफ ने कहा कि उनके मुवक्किल से दोनों जांच एजेंसियों ने करीब छह सौ घंटे पूछताछ की है। उन्होंने कहा कि मिशेल दो साल और आठ महीने से हिरासत में है और उन्हें जमानत पर रिहा किया जाये। वहीं, निचली अदालत ने मिशेल की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि मामले की गंभीरता व परिस्थितियों के साथ आरोपित के कृत्य को देखते हुए जमानत देने का कोई आधार नहीं दिखाई देता है।मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र वर्ष 2017 में दाखिल किया गया था। इसके बाद उसे दुबई से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद 4 दिसंबर 2018 में गिरफ्तार किया गया था। मिशेल के खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।

सीबीआइ ने आरोप लगाया है कि वीवीआइपी हेलिकाप्टर की आपूर्ति के लिए 8 फरवरी 2010 को हस्ताक्षरित सौदे में सरकारी खजाने को लगभग 2666 करोड़ रुपए का अनुमानित नुकसान हुआ था। वहीं, ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर आरोप लगाया था कि बिचौलिये मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड डील में करीब 225 करोड़ रुपए मिले थे।