नई रणनीति के साथ मैदान में उतरी पंजाब भाजपा, 'मोदी के सिखों के साथ संबंध' का लिया सहारा

 


पंजाब भाजपा सीएम नरेंद्र मोदी के सिखों से रिश्‍ते के जरिये मैदान में उतर गई है। (फाइल फोटो)

तीन कृषि कानूनाें के कारण पंजाब में किसानों का‍ विरोध झेल रही भाजपा अब मैदान में उतर आई है। पंजाब भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिखों से खास संबंध के जरिये मैदान में उतरी है। इसके साथ ही अपनी सियासी गतिविधियों को बढ़ाने को उसने खास रणनीति बनाई है।

चंडीगढ़। तीन कृषि सुधार कानूनों को लेकर किसानों के विरोध का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के सहारे मैदान में उतर गई है। इस साथ ही पार्टी ने खास रणनीति तैयार की है। पंजाब में भाजपा ने 'दाएं हाथ से काम करो, बाएं को पता न चले' की नीति अपनाई है। पंजाबियों को अब यह बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए क्या-क्या किए हैं? इसके लिए बाकायदा 71 पेज की एक किताब छपवाई गई है। इसे हर विधानसभा क्षेत्र में 150 से 200 प्रमुख लोगों को भेंट किया जा रहा है।

किसान विरोध के बीच विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा बांट रही 71 पेज की किताब

'प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार का सिखों के साथ विशेष संबंध' नाम से प्रकाशित यह किताब भाजपा करीब तीन सप्ताह से वितरित कर रही है। अब तक करीब 19,470 किताबों का वितरण किया जा चुका है। इस पुस्‍तक के जरिये भाजपा पीएम नरेंंद्र मोदी के सिखों और पंजाब से जुड़ाव के बारे में बताया गया है। इसमें मोदी के पंजाब की सियासत और आम जनजीवन से जुड़ाव को भी रेखांकित किया गया है।

पंजाब भाजपा द्वारा जारी की पुस्‍तक का कवर पेज।

किताब में प्रमुख तौर पर करतारपुर कारिडोर का निर्माण, 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों में कार्रवाई, कर मुक्त लंगर, आतंकवाद के दिनों में बनी ब्लैक लिस्ट से नामों को हटाना, सिख युवाओं को सशक्त बनाने जैसे 19 प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया गया है। किताब के कवर पेज पर करतारपुर कारिडोर के शुभारंभ के समय हुए आयोजन की तस्वीर को जगह दी गई है।

पंजाब भाजपा अध्‍यक्ष अश्‍वनी शर्मा। (फाइल फोटो)

भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा का कहना है कि पहले चरण में हर विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख लोगों को किताब दी जा रही है। इनमें धार्मिक, व्यापारी और समाज में अच्छा प्रभाव रखने वाले लोग शामिल हैं। अब पार्टी इसमें और विस्तार करते हुए अन्य लोगों तक भी किताब पहुंचाएगी। जिससे आम लोगों को भी पता चल सके कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए क्या-क्या किया है?

अहम बात यह है कि इस किताब में किसान और किसानी से जुड़े अन्य फैसलों को स्थान नहीं दिया गया है। प्रमुख रूप से धार्मिक व भावनात्मक रूप से जुड़े मुद्दे ही इसमें शामिल हैं। इनमें करतारपुर साहिब कारिडोर का निर्माण, गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व, गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, श्री हरिमंदिर साहिब, अमृतसर का एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) पंजीकरण आदि शामिल हैं।

पंजाब की एक जनसभा में पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

भाजपा हाईकमान की ओर से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब के भाजपा नेताओं को गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भाजपा यह भी चाहती है कि सार्वजनिक समारोह करके किसानों के साथ कोई टकराव की स्थिति भी न बने। इसलिए पार्टी बहुत ही शांत ढंग से किताब वितरण के लिए वन-टू-वन की नीति अपना रही है। अश्वनी शर्मा ने बताया कि इस किताब के वितरण के लिए पहले हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता चिन्हित किए गए। यह कार्यकर्ता लोगों से मिले, उनके साथ बैठे और उन्हें किताब भेंट की।

इससे इन्‍कार नहीं कर सकते करतारपुर साहिब कारिडोर मोदी सरकार ने बनाया : गुरपाल सिंह

किताब हासिल करने वाले चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी के फैकल्टी आफ लैंग्वेज डिपार्टमेंट के डीन गुरपाल सिंह ने कहा कि इस बात से तो इन्कार नहीं किया जा सकता है कि करतारपुर साहिब कारिडोर मोदी सरकार ने बनाया और उसे खोला भी। यह भी सही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना प्रोटोकाल के गुरुद्वारा साहिब भी जाते हैं।

जख्मों पर मरहम मोदी सरकार के समय ही लगा : कुशजीव सेठी

1984 के दंगों के बाद कोटा से मोहाली आकर इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्री चलाने वाले कुशजीव सेठी कहते हैं कि किताब से बहुत जानकारी मिली है। सिख विरोधी दंगों के कारण ही कोटा छोड़कर पंजाब आया था। तब से दंगों पर राजनीति तो बहुत हुई लेकिन जख्मों पर मरहम मोदी सरकार के समय में ही लगा है।