तकनीकी सहायता देने के नाम पर अमेरिका व कनाडा के लोगों से करते थे ठगी, नौ गिरफ्तार

 


दिल्ली के मोतीनगर में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, ९ आरोपित गिरफ्तार

दिल्ली के मोतीनगर इलाके में फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अमेरिका और कनाडा के लोगों को ठगने के आरोप में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग इन दोनों देशों के लोगों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए नाम पर ठगते थे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। तकनीकी मदद मुहैया कराने के बहाने अमेरिका व कनाडा के लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पश्चिमी जिले के साइबर सेल ने फर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों के कारण सरकारी राजकोष को काफी नुकसान पहुंच रहा था। आरोपितों की पहचान सुदर्शन पार्क निवासी भानू (30), हरप्रीत सिंह (29), योगेश उर्फ यश सहगल (21), भव्य सहगल (25), गुरप्रीत सिंह (25), रमेश नगर निवासी पुष्पेंद्र सिंह यादव (26), सौरभ माथुर (27), सुरेंद्र सिंह (37) व नेब सराय निवासी उबैद (25) के रूप में हुई है। पुलिस को गिरोह के पास से छह कंप्यूटर, एक लैपटाप, दो इंटरनेट राउटर, नौ मोबाइल फोन, टेलीकाम्यूनिकेशन साफ्टवेयर, वीओआइपी (वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल) काल डायलर और कम्यूटर व मोबाइल फोन में आपत्तिजनक डाटा बरामद हुआ है।

पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि 17 जुलाई को सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने सुदर्शन पार्क इलाके में तीसरे फ्लोर से बदमाशों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। वीओआइपी कालिंग के माध्यम से आरोपित खुद को माइक्रोसाफ्ट के तकनीकी विशेषज्ञ बताकर तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के बहाने अमेरिका व कनाडा के लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छानबीन के लिए एसीपी सुदेश रंगा के दिशानिर्देश व इंस्पेक्टर अरुण चौहान के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर पर फर्जी तकनीकी दिक्कत का मैसेज भेजते थे। इसके बाद मदद के बहाने वे उस शख्स को वीओआइपी के माध्यम से फोन करते और उन्हें विश्वास में लेकर तकनीकी परेशानी को दूर करने के लिए उसका भुगतान करने को प्रेरित करते। पीड़ित आरोपितों की बातों में आकर उन्हें ई-चेक के माध्यम से भुगतान कर देते थे। और पैसे मिलने के बाद आरोपित पीड़ित का नंबर ब्लाक कर देते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपित योगेश, भव्या सहगल व गुरप्रीत सिंह ये तीनों गिरोह में टेली कालर का काम करते थे। शेष सभी इस गिरोह के मास्टरमाइंड हैं। मामले में आरोपितों से पूछताछ जारी है।