दिल्ली में मतांतरण व निकाह के लिए चैंबर का इस्तेमाल कर रहा था वकील, बार काउंसिल ने लिया एक्शन

 


मतांतरण के लिए चैंबर का इस्तेमाल करने के आरोप में वकील का लाइसेंस निलंबित
दिल्ली बार काउंसिल ने मतांतरण और मुस्लिम विवाह (निकाह) करने के लिए अपने चैंबर का उपयोग करने के आरोप में एक वकील का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी दिल्ली बार काउंसिल के सचिव पीयूष गुप्ता ने दी है।

नई दिल्ली । दिल्ली बार काउंसिल ने मतांतरण और मुस्लिम विवाह (निकाह) के लिए अपने चैंबर का इस्तेमाल करने के आरोप में एक वकील का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसकी जानकारी दिल्ली बार काउंसिल के सचिव पीयूष गुप्ता ने दी है। पीयूष ने सोमवार को कहा कि दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) को आरोपित के खिलाफ शिकायत मिली थी। बार काउंसिल ने शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की है। आरोप है कि वकील अपने चैंबर में मतांतरण करवाकर निकाह करा रहा था। 

बार काउंसिल ने कड़कड़डूमा कोर्ट के जिला न्यायाधीश (प्रभारी) से आरोपित वकील के चैंबर के आवंटन को रद्द कर इसे सील करने और अवैध गतिविधियों को तुरंत रोकने का अनुरोध किया है।

क्या है पूरा मामला

आरोपित वकील का नाम इकबाल मलिक बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इकबाल मलिक ने पटपड़गंज के रहने वाले सोहन सिंह तोमर की बेटी आरती का मतांतरण कराकर निकाह कराया था। युवती के पिता ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। साथ ही दिल्ली बार काउंसिल को वकील की शिकायत भेजी थी।

बार काउंसिल ने प्राथमिक जांच करने के बाद वकील के खिलाफ कार्रवाई की है। जिस युवती का मतांतरण कराया गया था वह मई में गायब हो गई थी। युवती के परिजनों ने तब इस मामले में अपहरण का मुकदमा पांडव नगर थाने में दर्ज कराया गया था। मतांतरण के बाद युवती का नाम अरशी रख दिया गया है।

बताया जा रहा है कि वकील इकबाल मलिक की इस हरकतों की वजह से अन्य वकील भी परेशान थे। उनका कहना था कि ऐसा करने से न्यायिक परिसर बदनाम होगा साथ ही वकीलों की छवि पर भी बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल अब देखने वाली बात है कि आरोपित वकील के खिलाफ अब आगे और क्या कार्रवाई होगी। 

बता दें कि अभी हाल में ही यूपी एटीएस ने दिल्ली-एनसीआर में मतांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। दिल्ली के जामिया नगर से जहांगीर आलम और मो. उमर गौतम को गिरफ्तार किया गया था। आरोपितों ने पूछताछ में एक हजार से अधिक लोगों का मतांतरण कराने की बात कबूल की थी।