ईंधन की खपत रोकने को बनी योजना पर अभी चल ही रहा मंथन, जानिए क्या है योजना


नगर निगम में डीजल-पेट्रोल की खपत रोकने को बनी एक योजना पर अभी मंथन चल ही रहा है।

नगर निगम में डीजल-पेट्रोल (ईंधन) की खपत रोकने को बनी एक योजना पर अभी मंथन चल ही रहा है। विभागीय अधिकारी इस पर निर्णय नहीं ले पा रहे। जबकि इस योजना को कारगर बताया जा रहा है। शहर में उन मार्गों पर पेट्रोल पंपों से अनुबंध करने की योजना थी।

अलीगढ़ । नगर निगम में डीजल-पेट्रोल (ईंधन) की खपत रोकने को बनी एक योजना पर अभी मंथन चल ही रहा है। विभागीय अधिकारी इस पर निर्णय नहीं ले पा रहे। जबकि, इस योजना को कारगर बताया जा रहा है। दरअसल, शहर में उन मार्गों पर पेट्रोल पंपों से अनुबंध करने की योजना थी, जहां ज्यादा संख्या में निगम के वाहन संचालित होते हैं। साफ-सफाई करने की मशीनें, डोर टू डोर कूड़ा उठाने के आटो टिपर, कूड़ा ले जाने के लिए ट्रैक्टरों को इसके तहत आसानी से डीजल उपलब्ध हो सकेगा। जबकि, वर्तमान ने इन वाहनों को सात किमी दूर सारसौल स्थित पेट्रोल पंप से ईंधन मिल रहा है। योजना पर अमल हुआ तो ईंधन की खपत कम होगी और समय भी बचेगा।

निगम के बेड़े में 180 छोटे बड़े वाहन

नगर निगम के बेड़े में 180 छोटे-बड़े वाहन हैं। इसके अलावा जेसीबी, पोललैंड आदि उपकरण हैं। इन वाहनों के लिए डीजल-पेट्राेल की व्यवस्था सारसौल चौराहे से आगे शहर की सीमा पर जीटी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर की गई है। वर्षों से इसी पंप से नगर निगम का अनुबंध है। जबकि, इस मार्ग पर निगम के वाहन कम ही गुजरते हैं। यहां से ईंधन लेने के बाद वाहनों को फिर शहर लौटना पड़ता है। वाहनों को प्रतिदिन 12 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। इससे ईंधन तो बेवजह फुंकता ही है, समय की बर्बादी भी होती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख मार्गों पर पेट्रोल पंप से अनुबंध करने की योजना बनाई गई थी। जिससे ईंधन लेने के लिए वाहनों को शहर की सीमा तक न दौड़ना पड़े। नगर निगम के अधिकतर वाहन आगरा रोड, खैर रोड, रामघाट रोड, जीटी पर दौड़ते हैं। मथुरा रोड पर एटूजेड प्लांट है। यहां से कूड़ा उठाने के लिए जेसीबी व ट्रैक्टर निकलते हैं। इन वाहनों में ईंधन अधिक खपता है। योजना पर मुहर लगी तो इन वाहनों को आसपास के पेट्रोल पंप से ही डीजल मिल जाएगा। वहीं, सेवा भवन से आटो टिपर, केटल कैचर व अधिकारियों के वाहन निकलते हैं। ये वाहन भी पास के पंप से डीजल ले सकते हैं। लेकिन, योजना काे लागू करने से निगम अधिकारी अभी बच रहे हैं।

दूसरी शिफ्ट में ईंधन पर रोक

डीजल की खपत रोकने के लिए नगर आयुक्त प्रेम रंजन सिंह ने दूसरी शिफ्ट में ईंधन निर्गत करने पर रोक लगा दी है। पहली शिफ्ट में ही वाहनों को पेट्रोल पंप से ईंधन मिलेगा। आवश्यकता होने पर ही दूसरी शिफ्ट में ईंधन दिया जाएगा। इसके अलावा बेवजह संचालित किए जा रहे वाहनों पर रोक लगाकर भी ईंधन बचाया जा रहा है।