शक्ति भोग कंपनी का अध्यक्ष मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार, नौ जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेजा


शक्ति भोग कंपनी का अध्यक्ष मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार, नौ जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेजा

विशेष अदालत ने नौ जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेजा। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने दिल्ली और हरियाणा में नौ स्थानों पर की छापेमारी। तलाशी के दौरान विभिन्न दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। पैसे हड़पने के लिए कथित तौर पर खातों में हेराफेरी हुई।

नई दिल्ली, प्रेट्र। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि उसने दिल्ली स्थित शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंधक निदेशक (सीएमडी) केवल कृष्ण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी कई करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में की गई है।

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि कुमार को रविवार को गिरफ्तार कर विशेष मनी लांड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया। विशेष अदालत ने उन्हें नौ जुलाई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। उनकी गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने दिल्ली और हरियाणा में कम से कम नौ परिसरों पर छापेमारी की थी।

बयान के मुताबिक, तलाशी के दौरान विभिन्न दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए की आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया था। सीबीआइ ने इस साल के शुरू में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के नेतृत्व वाले 10 बैंकों के कंसोर्टियम के साथ 3,269 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के लिए शक्ति भोग फूड्स लिमिटेड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। एसबीआइ ने कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।एसबीआइ के अनुसार निदेशकों ने लोगों के पैसे हड़पने के लिए कथित तौर पर खातों में हेराफेरी की और जाली दस्तावेज तैयार किए। बैंक ने कहा था कि 24 साल पुरानी कंपनी की 2008 में कारोबार वृद्धि 1,411 करोड़ रुपये थी, जो 2014 में बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी आटा, गेहूं, चावल, बिस्कुट आदि के व्यापार में है।ईडी ने कहा कि उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ कंपनियों द्वारा संदिग्ध खरीद-फरोख्त के जरिये कर्ज खाते के पैसे को हेराफेरी करके बाहर भेज दिया।