खान चाचा और टाउन हाल रेस्तरां फिर आए चर्चा में, जानिए कोर्ट ने इस बार दिल्ली पुलिस को क्या कहा


हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी से जुड़े मामले में खान चाचा व टाउन हाल रेस्तरां के पंजीकरण को निलंबित करने के आदेश को चुनौती देने वाली नवनीत कालरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश लेने को कहा है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी से जुड़े मामले में खान चाचा व टाउन हाल रेस्तरां के पंजीकरण को निलंबित करने के आदेश को चुनौती देने वाली नवनीत कालरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश लेने को कहा है। रेस्तरां के संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लेने पर अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि आप लोगों को अदालत आने के लिए मजबूर करते हैं।

आपको अब तक एक आदेश पारित कर देना चाहिए था। उक्त टिप्पणी करते हुए पीठ ने सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। नवनीत कालरा ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) द्वारा जारी 11 मई को जारी किए आदेश को चुनौती दी है। कालरा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने नौ जून को जवाब प्रस्तुत किया था और इसके बाद से अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। हालांकि, कालरा ने 17 जून को उन्हें फिर से लिखा, लेकिन आज तक उन्होंने न तो निलंबन वापस लिया और न ही कारण बताओ नोटिस पर निर्णय लिया।उन्होंने दलील दी कि निलंबन दिल्ली ईटिंग हाउस पंजीकरण विनियमों के प्रविधानों के खिलाफ है, क्योंकि यह कारण बताओ नोटिस जारी करने के स्तर पर निलंबन की शक्ति प्रदान नहीं करता है। उन्होंने कहा केवल प्राथमिकी दर्ज करने के आधार पर पंजीकरण को निलंबित करने का कोई प्रविधान नहीं है। वहीं, दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता संतोष त्रिपाठी ने मामले में निर्देश लेने के लिए समय देने की मांग की।