यूपी में सांस्कृतिक गतिविधियां और पर्यटन को बढ़ावा देने में जुटे योगी, बोले; विशेषज्ञों से बात कर बनाएं संस्कृति नीति

 


योगी ने कहा, संस्कृति नीति के संबंध में विषय-विशेषज्ञों, क्षेत्र के लोगों से बात करते हुए नीति का निर्धारण करें।

 गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा दे रही योगी सरकार अब प्रदेश की अलग से संस्कृति नीति भी बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि इस क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों से बातचीत कर संस्कृति नीति बनाएं।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। सांस्कृतिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा दे रही योगी सरकार अब प्रदेश की अलग से संस्कृति नीति भी बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि इस क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों से बातचीत कर संस्कृति नीति बनाएं। इसके साथ ही पर्यटन और संस्कृति विभाग की अन्य प्रस्तावित योजनाओं को जरूरी संशोधन कर जल्द पूरा करने के लिए कहा है। पर्यटन और संस्कृति विभाग ने अपनी कुछ योजनाओं का प्रस्तुतीकरण बुधवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री के सामने किया। सीएम ने कहा कि इन सभी कार्यों में आवश्यक बदलाव करते हुए इनको तेजी से पूरा किया जाए।

संस्कृति नीति के संबंध में विषय-विशेषज्ञों, क्षेत्र के लोगों से बात करते हुए नीति का निर्धारण करें। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने प्रस्तावित संस्कृति नीति के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि राज्य के बहुमुखी विकास में संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन, आॢथक विकास, रोजगार के अवसरों में वृद्धि, सामाजिक विकास, संतुलित क्षेत्रीय विकास में संस्कृति की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए संस्कृति नीति की आवश्यकता है। योगी को बताया गया कि भातखंडे संगीत संस्थान सम विश्वविद्यालय लखनऊ को उत्तर प्रदेश राज्य संस्कृति विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 29 अगस्त से एक नवंबर, 2021 तक प्रस्तावित रामायण कान्क्लेव, अयोध्या में प्रस्तावित थीम पार्क, विंध्याचल मीरजापुर के विंध्यवासिनी देवी मंदिर काम्प्लेक्स के परकोटे के पुनॢवकास संबंधी प्रस्तुतीकरण भी देखा। इस अवसर पर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकंठ तिवारी, मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।