अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ स्पेशल फोर्सेज ने संभाला मोर्चा, उच्च प्रशिक्षण प्राप्त सैनिक बनाएंगे शांति


अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ स्पेशल फोर्सेज ने संभाला मोर्चा। फाइल फोटो।

अफगानिस्तान में तालिबान की बढ़ती गतिविधियों पर विराम लगाने के लिए अब देश की स्पेशल फोर्सेज का सहारा लिया जा रहा है। स्पेशल फोर्सेज के सैनिकों को बहुत ही उच्च स्तर का प्रशिक्षिण दिया जाता है। ताकी आपातकाल की स्थिती में इनका इस्तेमाल किया जा सके।

कंधार, रॉयटर्स: अफगानिस्तान में तालिबान की बढ़ती गतिविधियों पर विराम लगाने के लिए अब देश की स्पेशल फोर्सेज का सहारा लिया जा रहा है। स्पेशल फोर्सेज के सैनिकों को बहुत ही उच्च स्तर का प्रशिक्षिण दिया जाता है। ताकी आपातकाल की स्थिती में इनका इस्तेमाल किया जा सके। इन सैनिकों को आम लोगों के बीच छिपे तालिबानी आतंकियों को बाहर निकलने के लिए बुलाया गया है।

आम लोगों में छिपे आतंकी

तालिबान के पूर्व गढ़ कंधार में तैनात स्पेशल फोर्सेज के मेजर मोहम्मद दीन तासीर ने ऑपरेशन के बाद रॉयटर्स को बताया कि, उन्हें एक रिपोर्ट मिली थी कि दुश्मन ने यहां घुसपैठ की है और वो जिले पर कब्जा करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि, खबर मिली थी कि इलाके में करीब 300 तालिबानी आतंकी मौजूद है, लेकिन रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों और मौजूदा स्थिती में कोई समानता नहीं है।

नियंत्रण के दावे निराधार

तासीर के मुताबिक, तालिबान लड़ाकों की अनुपस्थिति से ये साफ है कि, देश में 85 फीसदी नियंत्रण का उनका दावा निराधार है,लेकिन उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, इस स्थिती से दुश्मन का सामना करना मुश्किल होगा, क्योंकि अब वो आम लोगों के बीच छिपकर हमपर वार करेंगे और फिर गायब हो जाएंगे।

अफगान बलों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी

अफगानिस्तान में करीब दो दशकों तक चले युद्ध के बाद अब अमेरिकी सेना के वापस जाने के बाद, तालिबान ने देश के कई हिस्सों पर फिर से कब्जा जमा लिया है। साथ ही विदेशी सेनाओं के वापस जाने के कारण सुरक्षा का सारा जिम्मा देश के सैनिकों के ऊपर आ गया है। तालिबानी विद्रोहियों द्वारा कंधार के डांड जिले के खान बाबा गांव पर, नियंत्रण करने की कोशिशों के बाद स्पेशल फोर्सेज के सैनिकों को बुलाया गया था। विद्रोहियों ने कब्जा करने की कोशिश में अफगान सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस पर आरपीजी और भारी मशीनगन फायरिंग करके हमला किया था।गौरतलब है कि, कंधार उन कई प्रांतों में से एक है जहां तालिबान द्वारा हमलों में वृद्धि देखी गई है। उनके मुताबिक वो देश को शांति से चलाने में शामिल होना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने हमेशा से ही देश में विदेशी ताकतों की उपस्थिति का विरोध किया है। पिछले हफ्ते तालिबान पश्चिम में ईरान की सीमा के पास आगे बढ़ा है, जहां उसने केंद्रीय शहर गजनी को घेर लिया है।