हिमाचल में आफत की बारिश: भागसू नाग में गाड़‍ियां बही, बहुमंजिला भवन भी बाढ़ की चपेट में


पर्यटन स्‍थल भागसू नाग में कई वाहन बह गए हैं।

हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश हो रही है। पर्यटन स्‍थल भागसू नाग में कई वाहन बह गए हैं। मंडी पठानकोट हाईवे पर राजोल में गज खड्ड पर बना पुल क्षतिग्रस्‍त हो गया है। यहां पुलिस तैनात कर दी गई है

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में आफत की बारिश हो रही है। पर्यटन स्‍थल भागसू नाग में कई वाहन बह गए हैं। मंडी पठानकोट हाईवे पर राजोल में गज खड्ड पर बना पुल क्षतिग्रस्‍त हो गया है। यहां पुलिस तैनात कर दी गई है व वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी है। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन संपर्क मार्गों पर ल्‍हासे गिरने से आवाजाही मुश्किल हो गई है।

मांझी खड्ड में आए उफान से भी भारी नुकसान हुआ है। चैतड़ू से ऊपर तीन मंजिला दो भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। शिला चौक के पास भी एक भवन खड में बह गया है। भारी बारिश का दौर अभी भी जारी है।

बरसात के सीजन की पहली ही बारिश ने जिला कांगड़ा में जमकर कहर बरपाया है। सुबह करीब आठ बजे पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज के भागसूनाग से ऊपर एक नाले ने अपना रुख बदल लिया। नाला डायवर्ट होने के कारण भागसूनाग मंदिर मार्ग पर स्थित पार्किंग की ओर पानी बहने लगा और वहां पार्किंग के साथ लगी चार कारें और कई बाइकें बह गईं। इसके अलावा भागसूनाग स्कूल को भी काफी नुकसान हुआ है। पानी के बहाव के कारण वहां साथ लगते होटल भी पानी से लबालब हो गए हैं।

इसके साथ ही मांझी खड्ड भी पूरी तरह से उफान पर है। उफान में चल रही मांझी खड्ड से चैतडू स्थित अन्य राज्यों की लोगों की झुग्गियां भी बहा दी हैं। अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि मजदूरों ने जलस्तर बढ़ने से पूर्व अपने झुग्गियां खाली कर दी थीं या नहीं, लेकिन झुग्गियां तो पूरी तरह से साफ ही हो गई हैं। वहीं शिला स्कूल में पानी में पूरी तरह से भर गया है। इसी तरह बनेर और चरान खड्ड भी उफान पर हैं।

रात को रामपुर के समीप झाकड़ी में भारी बरसात के कारण एनएच-5 करीब 9 घंटे बंद रहा। मशीनरी के माध्‍यम से सुबह सवा नौ बजे हाईवे को खोल दिया गया है।

धर्मशाला में शिला चौक के पास खड में आई बाढ के कारण तीन मंजिला मकान धवस्‍त हो गया।

भारी बारिश के कारण राज्य बिजली बोर्ड के 126 मेगावाट क्षमता के लारजी प्रोजेक्ट के बांध के गेट सात मीटर तक खोले गए। बीबीएमबी के पंडोह बांध से भी पानी छोड़ा गया है।