रणनीतिक रिश्ते मजबूत करेंगे भारत-वियतनाम, दोनों देशों के बीच हिंद प्रशांत क्षेत्र को लेकर हुई चर्चा

पीएम मोदी की वियतनाम के पीएम चिन्ह से टेलीफोन पर हुई वार्ता

भारत व वियतनाम दोनों अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषषद में सदस्य हैं और इस दिशा में दोनों मिल कर काम कर सकते हैं। वियतनाम ने कोरोना की दूसरी लहर से जूझते भारत को चिकित्सा सामग्री भी भेजी थी। मोदी ने इसके लिए वियतनाम के पीएम का आभार व्यक्त किया।

नई दिल्ली, ब्यूरो। चीन की बढ़ती दादागीरी से परेशान भारत और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों की शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत हुई। पीएम नरेंद्र मोदी और उनके वियतनामी समकक्ष फाम मिन्ह चिन्ह के बीच हुई बातचीत में हिद प्रशांत महासागर की स्थिति और समुद्री मार्ग में अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मान्य करने जैसे विषयों पर बात हुई है। मिन्ह चिन्ह के पीएम बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत थी।

पीएम मोदी ने उन्हें बधाई दी और दोनों देशों के बीच स्थापित रणनीतिक रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए साथ काम करने की इच्छा जताई।पीएम ने वियतनाम के इस रख का स्वागत किया कि वह भारत की तरह ही हिद महासागर क्षेत्र को सभी पक्षों के लिए खुला, शांतिप्रिय और कानून सम्मत बनाने की बात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और वियतनाम के बीच किए गए समग्र रणनीतिक साझेदारी से इस समूचे क्षेत्र में स्थायित्व व विकास को ब़़ढावा देने में मदद मिलेगी।

भारत व वियतनाम दोनों अभी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषषद में सदस्य हैं और इस दिशा में दोनों मिल कर काम कर सकते हैं। वियतनाम ने कोरोना की दूसरी लहर से जूझते भारत को चिकित्सा सामग्री भी भेजी थी। मोदी ने इसके लिए वियतनाम के पीएम का आभार व्यक्त किया। आगे भी महामारी के खिलाफ दोनों देशों के बीच सहयोग कायम रखने की सहमति बनी है।

वर्ष 2022 में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध बनाए जाने की 50वीं वर्षगांठ है। दोनों नेताओं के बीच इस अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी बातचीत हुई है। मोदी ने वियतनाम के पीएम को भारत आने का आमंत्रण भी दिया है।