परिवार के सात सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार, अबोध ने दिया पिता और चाचा की चिता को दाग

 


परिवार के सात लोगों के अंतिम संस्कार के बाद गमगीन बैठे अशाेक गोयल।

तीन सदस्यों का विद्युत शवदाह गृह में किया गया अंतिम संस्कार। तीन सदस्यों को सजी चिता मासूम नातिन काे किया दफन। सिकंदरा के शास्त्रीपुरम ए-ब्लाक में रहने वाले आढ़़ती अशोक गोयल परिवार के साथ गुरुवार की शाम को अयोध्या गए थे।

आगरा,  संवाददाता। अयोध्या में सरयू नदी में डूबने वाले परिवार के सात सदस्यों के शव रविवार को ताजगंज स्थित श्मशान घाट पर पहुंचे। ललित के अबोध बेटे ने अपने पिता और चाचा की चिता की दाग दिया तो वहां लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान कालोनी के अधिकांश लोग माैजूद रहे।

सिकंदरा के शास्त्रीपुरम ए-ब्लाक में रहने वाले आढ़़ती अशोक गोयल परिवार के साथ गुरुवार की शाम को अयोध्या गए थे। वहां श्रीराम मंदिर के दर्शन के लिए जाते समय परिवार के 15 लोग नदी में डूब गए थे। इनमें नौ की मौत हो गई थी। बाकी सदस्यों को रेस्क्यू कर निकाल लिया गया था। शनिवार की शाम को अशोक गोयल उनकी बेटी और नाती-नातिन समेत छह लोग घर लौट आए थे।

शनिवार की रात को 1:35 बजे अशोक गोयल की पत्नी राजकुमारी, बेटों ललित, पंकज, बेटी सीता, नातिन प्रियांशी, श्रृति और दृष्टि के शव आगरा पहुंचे।

सुबह दस बजे परिवार और रिश्तेदार सातों सदस्यों के शव लेकर ताजगंज श्मशान घाट पहुंचे। यहां पर तब तक तीन चिताएं ही तैयार हो सकी थीं। इस पर परिवार के लोगों ने सीता, पंकज और श्रृति का चिता पर अंतिम संस्कार किया। जबकि राजकुमारी, ललित और प्रियांशी का विद्युत शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं चार साल की मासूम दृष्टि काे स्वजन ने दफन किया। राजकुमारी को अशोक गोयल ने दाग दिया। वहीं ललित के अबोध बेटे ने पिता और चाचा पंकज को दाग दिया।

बहन का अंतिम संस्कार होते देख बिलखने लगा नमन

अपनी आंखों के सामने बड़ी बहन प्रियांशी को डूबते देखने वाला नमन हादसे के बाद से गुमसुम था। शाम को घर पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने उसे गले से लगाया तो वह रोने लगा। रविवार की सुबह पिता सतीशचंद प्रियांशी काे दाग देने लगे तो नमन वह बिलखने लगा। वह बहन का नाम लेकर बिलख रहा था। परिवार के लोगों ने उसे किसी तरह ढांढस बंधाया।

जूली का सरयू के तट पर होगा अंतिम संस्कार

परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि जूली का शव सरयू नदी से शनिवार की रात को बरामद कर लिया गया था। मगर, शव की हालत ऐसी नहीं है कि उसे आगरा लाया जा सके। इसके चलते परिवार के लोगों ने जूली का सरयू के तट पर अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है।

सार्थक के शव की तीसरे दिन भी तलाश जारी

रेस्क्यू टीम नौ लोगों में आठ के शव बरामद कर चुकी है। सिर्फ सार्थक का शव रेस्क्यू टीम बरामद नहीं कर सकी है। उसकी तलाश जारी है। उसे बरामद करने के लिए रेस्क्यू टीम ने नदी में कई किलोमीटर तक जाल बिछा रखा है। इसके साथ ही स्टीमर से भी उसके शव को खोजने का काम जारी है।