ड्रग्स विरोधी अभियान में यदा-कदा लगने वाला प्रविधान इस्तेमाल कर रही असम पुलिस

 


ड्रग्स विरोधी अभियान में यदा-कदा लगने वाला प्रविधान इस्तेमाल कर रही असम पुलिस

मादक पदार्थो के खिलाफ अभियान तेज करते हुए असम पुलिस नशीले पदार्थो (ड्रग्स) के आदतन अपराधियों के खिलाफ कानून के एक कड़े प्रविधान का इस्तेमाल कर रही है जिसे कभी-कभार ही लगाया जाता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को इस बारे में बताया।

गुवाहाटी, प्रेट्र। मादक पदार्थो के खिलाफ अभियान तेज करते हुए असम पुलिस नशीले पदार्थो (ड्रग्स) के आदतन अपराधियों के खिलाफ कानून के एक कड़े प्रविधान का इस्तेमाल कर रही है, जिसे कभी-कभार ही लगाया जाता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को इस बारे में बताया। वर्ष 2020 की दूसरी छमाही से इस प्रविधान के तहत कम से कम 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि उनमें से छह को इस साल 29 मई को एक साथ हिरासत में लिया गया था।

प्रिवेंशन आफ इलिसिट ट्रैफिक इन नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस (पीआइटी-एनडीपीएस) एक्ट के तहत बार-बार अपराध करने या आदतन अपराधियों को बिना मुकदमा चलाए हिरासत में रखा जा सकता है। एक अधिकारी ने बताया, 'इस अधिनियम के प्रविधानों को पिछले वर्ष की दूसरी छमाही से लागू किया जा रहा है, हालांकि यह कई वर्षो से कानून के रूप में अस्तित्व में था।'वर्ष 1988 के इस कानून के तहत, बार-बार अपराध करने या आदतन अपराधी को बिना मुकदमे के हिरासत में रखा जा सकता है और आरोपित को 45 दिनों के भीतर एक सलाहकार बोर्ड के सामने पेश करना होता है जिसमें हाई कोर्ट के न्यायाधीश शामिल हों। यदि सलाहकार बोर्ड हिरासत को मंजूरी देता है तो आरोपित को एक साल तक एहतियातन हिरासत में रखा जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह नशीले पदार्थो के अपराध में लिप्त नहीं है। अन्यथा, व्यक्ति को रिहा कर दिया जाता है। अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस के हिरासत के सभी मामलों को अब तक सलाहकार बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

कानून में पहले कम इस्तेमाल किए गए प्रविधान का उपयोग करने के अलावा, असम पुलिस मादक पदार्थ गिरोह के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों के साथ भी काम कर रही है। सीआइडी द्वारा क्षेत्र स्तर के अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं, जो उन्हें मादक पदार्थो के अपराध से संबंधित मामलों से अधिक कुशलता और तेजी से निपटने में मदद कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा, 'हमने पिछले कुछ महीनों में जितने नशीले पदार्थ बरामद किए हैं और जो गिरफ्तारियां की हैं, उससे पता चलता है कि पुलिस इस समस्या से कितनी प्रभावी ढंग से निपट रही है।'राज्य पुलिस के विशेष महानिदेशक जीपी सिंह ने बताया कि 10 मई से 29 जून के बीच नशीली गोलियां और कफ सिरप की बोतलों समेत 131 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए। इनमें से 47.44 करोड़ रुपये की टैबलेट, कैप्सूल, गांजा (34.30 करोड़ रुपये) और हेरोइन (33.46 करोड़ रुपये) बरामद की गई।