कहां और किसने ली अलग-अलग कंपनियों की तीन कोरोना वैक्‍सीन, अपने आप में पहला मामला

 

 

चीन में सीडीसी के प्रमुख ने ली कोरोना वैक्‍सीन की तीन अलग अलग खुराक

चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कोरोना की तीन अलग-अलग कंपनियों की वैक्‍सीन ली है। उन्‍होंने दावा किया है कि इसको लेने के बाद भी वो पूरी तरह से ठीक हैं और उन्‍हें इसके बाद कोई दिक्‍कत नहीं हुई है।

बीजिंग (आईएएनएस)। एक तरफ जहां पूरी दुनिया में कोरोना वैक्‍सीन की तीसरी खुराक लेने और दो अलग-अलग वैक्‍सीन की खुराक लेने को बहस चल रही है वहीं चीन में एक अधिकारी ने कोरोना की तीन वैक्‍सीन लेने का दावा किया है। ये व्‍यक्ति कोई और नहीं बल्कि चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के प्रमुख गाओ फू हैं।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की खबर के मुताबिक फू ने कहा है कि उन्‍होंने तीन कोरोना वैक्‍सीन की खुराक ली हैं और उन्‍हें कुछ नहीं हुआ है, वो पूरी तरह से ठीक और स्‍वस्‍थ हैं। इतना ही नहीं उन्‍होंने अपने बयान में यहां तक कहा है कि उन्‍होंने हर बार चीन में बनी हुई अलग-अलग वैक्‍सीन की खुराक ली है। उनका ये बयान अपने आप में काफी दिलचस्‍प है। वहीं अपने आप में पूरी दुनिया में ये पहला ऐसा मामला है।

फू ने कहा है कि वो उन लोगों में शामिल रहे हैं जिन्‍होंने स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन पहली बार ली थी। उन्‍हें ये वैक्‍सीन की खुराक पिछले वर्ष मई में दी गई थी। उन्‍होंने बताया है कि वो अब तक तीन अलग-अलग स्‍वदेशी कंपनी की कोरोना वैक्‍सीन ले चुके हैं। हालांकि रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया है कि फू ने वैक्‍सीन की तीसरी खुराक क्‍यों ली है। ये भी नहीं बताया गया है कि क्‍या ये कोई रिसर्च का विषय है जिसकी वजह से फू ने ऐसा किया है।अप्रैल में फू ने वैक्‍सीन की दो खुराकों को मिलाकर लगाने और इस पर रिसर्च करने की घोषणा की थी। इसकी दो बड़ी वजह थीं। पहली वजह चीन की बनाई कोरोना वैक्‍सीन का वायरस पर कम प्रभावी होना था और दूसरी वजह इसको लेकर हो रही डिबेट को शांत करना था। खबर के मुताबिक ये एक चूहे और बिल्‍ली की लड़ाई जैसी ही थी।

हालांकि फू ने ये भी कहा है कि चीन की बनाई वैक्‍सीन काम करती है।

उनके मुताबिक ये खासतौर पर डेल्‍टा वैरिएंट पर अधिक प्रभावी है। उन्‍होंने संभावना जताई है कि कोरोना वैक्‍सीन भविष्‍य में फ्लू की वैक्‍सीन की तरह ही हो जाएगी और इस महामारी पर कुछ हद तक काबू पाने के बाद जीवन पहले की ही तरह सामान्‍य हो जाएगा। उन्‍होंने कहा कि चीन के वैज्ञानिक कोरोना वैक्‍सीन के अन्‍य वर्जन पर तेजी से काम कर रहे हैं।जून में सिनोवाक बायोटेक के प्रमुख यीन वीडॉन्‍ग ने कहा था कि उनकी वैक्‍सीन का ह्यूमन ट्रायल अभी काफी शुरुआती चरण में है। इसमें पाया गया है कि उनकी वैक्‍सीन से एंटीबॉडीज में 10 से 20 गुना की तेजी आई है। इसकी तीसरी खुराक तीन से छह माह के अंदर दी जाएगी। सिनोफार्म ने मार्च में इस बात की पुष्टि की थी कि उसने एक बूस्‍टर शॉट कोरोना वैक्‍सीन को भी डेवलेप किया है। हालांकि कंपनी ने माना था कि इस पर अभी और रिसर्च करने की जरूरत है।

दुनिया के कई देशों में कोरोना वैक्‍सीन की तीसरी खुराक देने की बात कही जा रही है। ऐसा कहने वालेां में यूएई, ब्रिटेन, तुर्की, बहरीन, इंडोनेशिया का नाम शामिल है। तुर्की और इंडोनेशिया में सिनोफार्म और सिनोवेक की खुराक लेने वालों को तीसरी खुराक ऑफर की जा रही है। वैक्‍सीन की तीसरी खुराक को लेकर जहां इजरायल ने नाराजगी जताई है वहीं दूसरी जगह ब्रिटेन में इसकी योजना की घोषणा भी कर चुका है।आपको बता दें कि अमेरिका में फाइजर ने तीसरी बूस्‍टर डोज देने के लिए दो बार सीडीसी और वहां की ड्रग कंट्रोल ऑथरिटी से मंजूरी मांगी है, लेकिन कंपनी को इसकी इजाजत नहीं दी गई है। इन दोनों ऑथरिटी का कहना है कि उन्‍हें फिलहाल इसकी कोई जरूरत दिखाई नहीं देती है। वहीं कंपनी ने देश में डेल्‍टा वैरिएंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसको जरूरी बताया है।