एक माह बाद अंतरिक्ष में फिर शुरू हुआ हबल टेलीस्‍कोप से साइंस ऑब्‍जरवेशन का काम, मिली पहली इमेज

 


नासा के वैज्ञानिकों ने दूर की हबल दूरबीन में आई समस्‍या

नासा के वैज्ञानिकों ने एक माह की लंबी मेहनत के बाद आखिरकार हबल टेलीस्‍कोप को सही कर लिया है। इसके बाद अंतरिक्ष में मौजूद इस विशाल मशीन ने दोबारा काम करना भी शुरू कर दिया है। ठीक होने के बाद इससे पहली तस्‍वीर मिली है।

वाशिंगटन (नासा)। अंतरिक्ष में धरती की आंख कही जाने वाली हबल दूरबीन को आखिर दोबारा शुरू करने में नासा के वैज्ञानिकों को सफलता हासिल हो गई है। 13 जून 2021 को इसके ऑनबोर्ड पेलोड कंप्‍यूटर में आई खराबी के बाद ये अचानक बंद हो गई थी। इसके बाद से ही सांइस ऑब्‍जरवेशन का काम पूरी तरह से ठप हो गया था। आपको बता दें कि हबल टेलीस्‍कोप ने अंतरिक्ष में इसी वर्ष 3 दशक पूरे किए हैं।

अब तक 15 लाख सांइस ऑब्‍जरवेशन कर चुकी इस दूरबीन के जरिए वैज्ञानिकों को गहरे अंतरिक्ष के बारे में कई अनोखी जानकारियां हासिल हुई हैं। आपको हैरानी होगी अब तक लाखों बार इसके जरिए की गई रिसर्च के पेपर पब्लिश किए जा चुके हैं। पिछले एक माह से वैज्ञानिक इसमें आई खराबी का पता लगाने में दिन रात एक किए हुए थे।

इस दौरान इस दूरबीन से कीप एलाइव का भी मैसेज हासिल नहीं हो रहा था। ये मैसेज इस बात की जानकारी देता है कि दूरबीन में सब ठीक है और ये काम कर रही है। एक माह की मेहनत के बाद इस दूरबीन ने एक बार फिर से अपना काम शुरू कर दिया है। शनिवार 17 जुलाई को इसने अपने काम की शुरुआत की और गहरे अंतरिक्ष में मौजूद एक गैलेक्‍सी की ब्‍लैक एंड व्‍हाइट तस्‍वीर खींची थी। अपने वैज्ञानिकों की इस कामयाबी पर नासा बेहद खुश है।

आपको बता दें कि 36 हजार करोड़ की लागत से बनी इस विशाल दूरबीन को पिछले एक माह के दौरान दोबारा चालू करने की कई बार कोशश की गई थी, लेकिन हर बार वैज्ञानिकों को इसमें नाकामी ही हाथ लगी थी। 13 जून के बाद से ही ये टेलीस्‍कोप सेफ मोड में चला गया था। इस खराबी के बाद नासा ने बताया कि दूरबीन के सभी साइंस ऑब्‍जरवेशन इक्‍यूपमेंट पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

नासा ने जुलाई की शुरुआत में इसके बेकअप हार्डवेयर को ऑन करने की कोशिशें की थी, लेकिन ऐसा करने में वो सफल नहीं हो सके थे। पिछले सप्‍ताह नासा ने इस बात की आशंका जताई थी कि इसकी साइंस इंस्‍ट्रूमेंट कमांड और डाटा हैंडलिंग यूनिट में आई खराबी की वजह से इस दूरबीन ने काम कर बंद कर दिया है। वैज्ञानिकों का अंदाजा था कि इसकी वजह हार्डवेयर भी हो सकता है। इसको ठीक करने वाली वैज्ञानिकों की टीम की जांच बाद में कमांड यूनिट/साइंस डाटा फॉरमेटर, और पेलोड कंप्‍यूटर को पावर सप्‍लाई करने वाली कंट्रोल यूनिट पर केंद्रित था।