एक बार फिर किसानों की संसद की ओर कूच करने की तैयारी, बना रहे नए सिरे से योजना

 


इस बार वो मानसून सत्र के दौरान संसद की ओर कूच करेंगे।

बीते सात माह से तीन कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे किसान एक बार फिर संसद कूच करने की योजना बना रहे हैं। इसको लेकर इंटरनेट मीडिया पर किसान एकता मोर्चा की ओर से एक ट्वीट भी किया गया है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। बीते सात माह से तीन कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग पर धरना देकर प्रदर्शन कर रहे किसान एक बार फिर संसद कूच करने की योजना बना रहे हैं। इस बार वो मानसून सत्र के दौरान संसद की ओर कूच करेंगे, इसको लेकर इंटरनेट मीडिया पर किसान एकता मोर्चा की ओर से एक ट्वीट भी किया गया है। इसमें लिखा गया है कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानूनों को खत्म नहीं कर रही है इस वजह से अब किसान इस बार के मानसून सत्र में संसद की ओर मार्च करेंगे। इसके लिए कुछ दिनों में तैयारियां शुरू की जाएंगी।

उधर यूपी गेट पर चल रहे धरने में 5 जुलाई को बाल्मीकि किसान पंचायत का आयोजन किया गया। दरअसल, 30 जून को भाजपा के प्रदेश मंत्री अमित वाल्मीकि के यूपी गेट पर स्वागत के दौरान कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भाजपाइयों और वाल्मीकि समाज के लोगों पर हमला कर दिया था। उनके काफिले में शामिल गाड़ियों को यहां धरने पर बैठे किसानों ने तोड़ दिया था। इस मामले में बीजेपी के कार्यकर्ताओं की ओर से थाने में मुकदमा भी कराया गया था। अमित वाल्मीकि के काफिले पर हमले से वाल्मीकि समाज नाराज है और राकेश टिकैत के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से मोर्चा खोले हुए हैं।


किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर समाज को भिड़ाना बीजेपी का राष्ट्रधर्म है और सभी धर्म-जाति के लोगों का पेट भरना, उन्हें एक सूत्र में बांधना किसान यूनियन का राष्ट्रधर्म है, इस वजह से किसान यूनियन यहां पर बाल्मीकि किसान पंचायत का आयोजन कर रहा है। इससे पहले गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान संयुक्त मोर्चा ने 'The Flying Sikh' Milkha Singh की याद में किसान मजदूर मैराथन का आयोजन किया था। इसमें राकेश टिकैत खुद कुछ साथियों के साथ शामिल हुए थे और उन्होंने दौड़ लगाई थी।