बंगाल में फ्लाइट से आने वाले यात्रियों को दिखाना होगा वैक्‍सीन सर्टिफिकेट या नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट

 


बंगाल में फ्लाइट से आने वाले यात्रियों को टीकाकरण या नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा

पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने राज्य में फ्लाइट से आने वाले सभी यात्रियों के लिए पूर्ण टीकाकरण का प्रमाण या नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। तीसरी लहर को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती।

नई दिल्ली, एएनआइ। पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने राज्य में फ्लाइट से आने वाले सभी यात्रियों के लिए (व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक उड़ान) पूर्ण टीकाकरण का प्रमाण या नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया है। तीसरी लहर के कयासों को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को भी खतरा मोल नहीं लेना चाहती। इस बीच पश्चिम बंगाल में लोगों से कोरोना नियमों को संख्ती से पालन करवायां जा रहे है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से सबक लेकर देशभर में कई राज्यों ने अपने राज्य में आने वाले यात्रियों को लेकर नियाम बनाए है।

कोरोना को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने ही नहीं दूसरे राज्यों की सरकार ने भी सख्त कदम उठाए है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर और आने वली तीसरी लहर को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तराखंड सरकार और दिल्ली सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी। गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा में भगवान शिव के भक्त कई राज्यों से हरिद्वार आते है। उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा को भी रद्द कर दी है। तो वहीं बकरीद के लिए केरल में बाजारों और दुकाने खोलने की अनुमती दी गई थी जिसकी सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली है। इस समय केरल में नए कोरोना के मामले सबसे अधिक देखने को मिल रहे है। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर के कयासों से केंद्र सरकार और राज्य सरकार पहले से ही अलर्ट है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने बताया है कि अगस्त के अंत तक देशभर में हर रोज एक लाख के आस-पास केस देखने को मिल सकते है। दूसरी लहर में की गई लापरवाहीयों को देखते हुए इस बार केंद्र सरकार टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ऑक्सीजन प्लांट, बेड और जरूरी दवाओं के उत्पादन पर जोर दे रही है।

पश्चिम बंगाल में आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 22 जून से 16 जुलाई तक मौतें 1.5 गुना बढ़ गई थी। तो वहीं 9 जुलाई से 15 जुलाई तक दौरान साप्ताहिक सकारात्मकता दर 1.78 फीसदी थी।