वैक्‍सीन लगवाने के बाद भी मास्‍क और शारीरिक दूरी का रखें ध्‍यान, जानें- विशेषज्ञों की राय

 


वैक्सीन के लिए हां’ विषय पर आयोजित जागरूकता वेबिनार (फाइल फोटो)

 मीडिया की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में कोरोना वायरस व वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘सच के साथी वैक्सीन के लिए हां’ ऑनलाइन मीडिया साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है।

इंदौर, ऑनलाइन डेस्‍क। ‘गांव में ऑक्‍सीजन उगाई जाती है। शहरों में ऑक्‍सीजन सिलेंडर भरा जाता है। पर्यावरण में ऑक्सीजन की कमी को रोकने के लिए हम सबको ज्‍यादा से ज्‍यादा पौधे लगाने चाहिये। वैक्‍सीन को बढ़ावा देने के लिए हम लोगों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधे दे रहे हैं, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग वैक्‍सीन लगवा लें। मैं अब तक सैकड़ों वैक्‍सीनेशन सेंटर पर हजारों पौधे बांट चुकी हूं।’ पद्मश्री जनक पलटा मगिलिगन ने ये बातें ‘सच के साथी, वैक्सीन के लिए हां’ विषय पर आयोजित जागरूकता वेबिनार में कहीं।

जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट विश्वास न्यूज द्वारा देश के अलग-अलग शहरों में कोरोना वायरस व वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ‘सच के साथी, वैक्सीन के लिए हां’ ऑनलाइन मीडिया साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को इंदौर के नागरिकों के लिए आयोजित इस वेबिनार में शहर के लोगों से रूबरू होते हुए जनक पलटा ने कहा कि हम लगातार लोगों को वैक्‍सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मास्‍क लगाने से लेकर वैक्‍सीन लगवाने तक जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। टीका लगाने के बाद भी हमें मास्‍क और सेनिटाइजेशन का ध्‍यान रखना है। मुझे कोविड हुआ, उसके बावजूद भी मैं वॉट्सऐप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये लोगों से सुरक्षित रहने की अपील करती रही। मेरे ऊपर लोगों का भरोसा है। मैं हमेशा लोगों से अपना उदाहरण देते हुए कहती हूं कि मैंने दोनों वैक्‍सीन लगवा ली है। मैं सुरक्षित हूं।

वेबिनार में एमजीए मेडिकल कॉलेज के श्वसनतंत्र विभाग के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉक्‍टर सलिल भार्गव भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वायरस अपना व्‍यवहार बदल सकता है या नहीं, हमें नहीं मालमू, लेकिन हम इंसानों को अपना व्‍यवहार बदलना होगा। शारीरिक दूरी और कोरोना वैक्‍सीन ही हमें बचा सकता है। यदि हमें कोई काम नहीं है तो घर से न निकलें। यही हमें बचा सकता है। डॉक्‍टर भार्गव ने कहा कि जो भी वैक्‍सीन उपलब्‍ध है, उसे लगवा लें। सभी वैक्‍सीन प्रभावी हैं। याद रखें कि वैक्‍सीन लगावाने का मतलब यह नहीं है कि कोरोना नहीं होगा, बल्कि गंभीर लक्षण नहीं होगा।

एम्स दिल्ली के डॉ अमरिंदर सिंह मल्ही ने कहा कि भारत में मौजूद सभी वैक्सीन, कोरोना के वर्तमान सभी स्वरूपों पर प्रभावी है। उन्‍होंने लोगों से जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में मिल रही तीनों वैक्सीन प्रभावी हैं, इसलिए किसी खास वैक्सीन का इंतजार न करें। दोनों वैक्‍सीन लगने के कुछ दिनों बाद ही एंटीबॉडी बनती है। इसलिए लापरवाही मत करें।

गौरतलब है कि देशभर में वैक्‍सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वास न्‍यूज निरंतर मीडिया साक्षरता अभियान चला रहा है। अभियान का मकसद कोरोना वैक्‍सीन से जुड़े भ्रम को दूर करना और वैक्‍सीनेशन को बढ़ावा देना है। वेबिनार में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं। वहीं, विश्वास न्यूज के प्रशिक्षित फैक्ट चेकर्स लोगों को महामारी के दौरान गलत सूचनाओं की पहचान करने और उससे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। साथ ही विश्वास न्यूज द्वारा लोगों को फेक न्यूज की पहचान के तरीकों और इसके लिए ऑनलाइन उपलब्ध टूल्स के बारे में जानकारी दी जाती है।

आइएफसीएन वैक्सीन ग्रांट प्रोग्राम के तहत विश्‍वास न्‍यूज देश के 12 बड़े शहरों के लिए 'सच के साथी, वैक्‍सीन के लिए हां' जागरूकता अभियान आयोजित कर रहा है। कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, पटना, मुजफ्फरपुर, रांची, जमशेदपुर, इंदौर और भोपाल के नागरिकों के लिए ऐसे ही वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है।