खान चाचा रेस्त्रां के पंजीकरण को निलंबित करने के मामले पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

 


दिल्ली पुलिस को मामले में निर्देश लेकर जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश

नवनीत कालरा ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) द्वारा जारी 11 मई को जारी किये गये आदेश काे चुनौती दी है।कालरा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने नौ जून को जवाब प्रस्तुत किया था और इसके बाद से अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की।

नई दिल्ली । कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन कंसेंट्रेटर की कालाबाजारी से जुड़े मामले में खान चाचा रेस्त्रां व टाउन हाल के पंजीकरण को निलंबित करने के आदेश को चुनौती देने वाली नवनीत कालरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश लेने को कहा है।

कोर्ट ने कहा- निर्णय नहीं लेने के कारण लोगों को अदालत आने पर मजबूर होना पड़ता है

रेस्त्रां के संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लेने पर अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि आप लोगों को अदालत आने के लिए मजबूर करते हैं। आपको अब तक एक आदेश पारित कर देना चाहिए था। उक्त टिप्पणी करते हुए पीठ ने सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।

रेस्त्रां का पंजीकरण निलंबित करने के आदेश को दी है नवनीत कालरा ने चुनौती

नवनीत कालरा ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (लाइसेंसिंग) द्वारा जारी 11 मई को जारी किये गये आदेश काे चुनौती दी है। कालरा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने नौ जून को जवाब प्रस्तुत किया था और इसके बाद से अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। हालांकि, कालरा ने 17 जून को उन्हें फिर से लिखा, लेकिन आज तक उन्होंने न तो निलंबन आदेश वापस लिया और न ही कारण बताओ नोटिस पर निर्णय लिया। उन्होंने दलील दी कि निलंबन दिल्ली ईटिंग हाउस पंजीकरण विनियमों के प्रावधानों के खिलाफ है, क्योंकि यह कारण बताओ नोटिस जारी करने के स्तर पर निलंबन की शक्ति प्रदान नहीं करता है।

प्राथमिकी दर्ज करने से प्रमाणपत्र निलंबित करने का प्रावधान नहीं

उन्होंने कहा केवल प्राथमिकी दर्ज करने के आधार पर पंजीकरण प्रमाणपत्र को निलंबित करने का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं, दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष त्रिपाठी ने मामले में निर्देश लेने के लिए समय देने की मांग की। दूसरी लहर के दौरान आक्सीजन कांस्ट्रेटर की कालाबाजारी व जमाखोरी के मामले में कालरा को 16 मई को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और 29 मई को जमानत मिली थी।