आपकी गाड़ी हो गई है चोरी तो एक बार रेलवे स्टेशन और मेट्रो की पार्किंग में भी कर ले तलाश, चोरों ने बताए राज

 


चोरी के बाद रेलवे स्टेशन और मेट्रो की पार्किंग में छिपा देते थे चोरी के वाहन

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पांच स्कूटी व पांच बाइक बरामद की गई हैं। वाहन चोरी करने के बाद ये वाहनों को पालम रेलवे स्टेशन व द्वारका सेक्टर 13 मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में छिपा देते थे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर पांच स्कूटी व पांच बाइक बरामद की गई हैं। वाहन चोरी करने के बाद ये वाहनों को पालम रेलवे स्टेशन व द्वारका सेक्टर 13 मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में छिपा देते थे। इसके बाद ग्राहक तलाशते थे और काफी कम कीमत में चोरी के वाहन बेच देते थे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिबेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित दीपक व शरद क्रमश: शकरपुर व पंजाबी बाग के रहने वाले हैं। दीपक सरगना है इसके खिलाफ वाहन चोरी के पहले से 20 मामले दर्ज हैं।

2013 में पुलिस ने उसे पहली बार गिरफ्तार किया था। दीपक बड़ी संख्या में चोरी के वाहनों को बदमाशों व अन्य को बेच चुका है। शरद पहले एक डिपार्टमेंटल स्टोर में काम करता था। कोरोना काल में नौकरी छूट जाने पर उसने दीपक के साथ मिलकर जल्द वाहन चोरी शुरू की थी। आठ जुलाई को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली, जिसके आधार पर दोनों को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त दोनों के पास एक स्कूटी थी, जिसे केशवपुरम से चुराया था।

उधर ओखला पुलिस ने लूट और झपटमारी करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे बाइक और नौ मोबाइल बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने 10 मामले सुलझाने का दावा किया है। इन बदमाशों की पहचान मदनपुर खादर निवासी 21 वर्षीय अमरजीत, 19 वर्षीय समीर और खड्डा कालोनी जैतपुर निवासी शाहिद के रूप में हुई है। दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि ओखला इलाके में लूटपाट और झपटमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए टीम बनाकर बदमाशों की धरपकड़ की जा रही थी।

इसी बीच आठ जुलाई की रात को क्राउन प्लाजा के पास पिकेट लगाकर पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। तभी ओखला अंडरपास की तरफ से दो संदिग्ध बाइक सवार आते दिखाई पड़े। शक होने पर उन्हें रोकने की कोशिश की गई तो वे यू टर्न लेकर भागने लगे, मगर पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से सरिता विहार से झपटमारी का एक मोबाइल मिला। उनकी निशानदेही पर रिसीवर शाहिद को भी खड्डा कालोनी जैतपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से आठ मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि अमरजीत और समीर कोई काम धंधा नहीं करते और नशे के आदी हैं और नशे की पूर्ति के लिए लूटपाट और झपटमारी की वारदात को अंजाम देते हैं। झपटा हुआ मोबाइल शाहिद को बेच देते थे। शाहिद उसे सस्ते दामों में अज्ञात राहगीरों को भेज देता था।