खाद्य पदार्थो में केमिकल से स्तन कैंसर का खतरा, पढ़ें- किन चीजों से रहना है सावधान


खाद्य पदार्थो में केमिकल से स्तन कैंसर का खतरा, पढ़ें- किन चीजों से रहना है सावधान

साइलेंट स्पि्रंग इंस्टीट्यूट के रिसर्च डायरेक्टर और अध्ययन करने वाली टीम के प्रमुख और टोक्सिकोलाजिस्ट रूथान रुडेल ने बताया कि एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन हार्मोन और स्तन कैंसर का संबंध पूरी तरह स्थापित है। इसी के आधार पर स्तन कैंसर का इलाज किया जा रहा है।

वांशिंगटन, एएनआइ। रोजाना की दिनचर्या में खान-पान से लेकर अन्य उपभोक्ता उत्पादों में केमिकल का इस्तेमाल तेजी से प्रचलन में आया है। ये केमिकल स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि खाने-पीने की चीजों से लेकर शरीर पर इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों में केमिकल के प्रयोग से स्तन कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे बढ़े हैं। ये शरीर में हार्मोन के संतुलन को भी बुरी तरह बिगाड़ रहे हैं।

अध्ययन 'एनवायरमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव' जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में यह पता किया गया कि ये केमिकल स्तन कैंसर संभावना को किस तरह बढ़ा रहे हैं।

साइलेंट स्पि्रंग इंस्टीट्यूट के रिसर्च डायरेक्टर और अध्ययन करने वाली टीम के प्रमुख और टोक्सिकोलाजिस्ट रूथान रुडेल ने बताया कि एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन हार्मोन और स्तन कैंसर का संबंध पूरी तरह स्थापित है। इसी के आधार पर स्तन कैंसर का इलाज किया जा रहा है।इसलिए हमें ऐसे केमिकल के प्रयोग के प्रति सावधान रहना चाहिए, जो इन दोनों हार्मोन की शरीर में मात्रा को बढ़ाते हैं। अध्ययन में ऐसे 296 केमिकल की पहचान की गई, जो कोशिकाओं में एस्ट्राडियोल (एस्ट्रोजन का ही एक रूप) या प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ाते हैं। 71 ऐसे केमिकल थे, जो दोनों का स्तर बढ़ाते हैं। अभी अध्ययन में यह पता नहीं चला है कि केमिकल इन दोनों हार्मोन को किस तरह से बढ़ाते हैं, जिसके कारण स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे पैदा होते हैं।