बंगाल में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पुत्र अभिजीत मुखर्जी तृणमूल कांग्रेस में शामिल


पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी के पुत्र व पूर्व कांग्रेस सांसद अभिजीत मुखर्जी

कांग्रेस को आज बड़ा झटका लग सकता है। पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी के पुत्र व पूर्व कांग्रेस सांसद अभिजीत मुखर्जी आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। ऐसी अटकलें हैं कि टीएमसी अभिजीत मुखर्जी को जंगीपुर विधानसभा सीट की पेशकश करेगी। इस सीट पर उपचुनाव होना है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पूर्व राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी के पुत्र व पूर्व कांग्रेस सांसद अभिजीत मुखर्जी आज तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। शाम चार बजे अभिजीत मुखर्जी कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में पार्टी में शामिल हुए। इस अवसर पर लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंदोपाध्याय और वरिष्ठ मंत्री पार्थ चटर्जी उपस्थित थे। बता दें कि पिछले महीने अभिजीत मुखर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से कोलकाता में मिले थे।

उसके बाद से अटकलें और भी तेज हो गई कि वह जल्द टीएमसी में शामिल होंगे। हालांकि इन अटकलों पर अभिजीत ने विराम लगाते हुए स्पष्ट तौर पर कहा था कि वो कांग्रेस में ही रहेंगे और उनका टीएमसी या किसी दूसरी पार्टी में शामिल होनी की खबरें गलत हैं। हालांकि टीएमसी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पिछले हफ्ते अभिजीत मुखर्जी टीएमसी के कुछ और नेताओं से भी मिले थे।ऐसी अटकलें हैं कि टीएमसी अभिजीत मुखर्जी को जंगीपुर विधानसभा सीट की पेशकश करेगी। इस सीट पर उपचुनाव होना है। इससे पहले नौ जून को अभिजीत ने टीएमसी के जिलाध्यक्ष और जंगीपुर के सांसद समेत कई नेताओं से जंगीपुर स्थित अपने आवास पर मिले थे।

इस बैठक में टीएमसी सांसद खलीलुर रहमान, जिलाध्यक्ष अबू ताहिर, विधायक इमानी विश्वास, दो मंत्री अखरुज्जमां और सबीना यास्मीन समेत कई लोग शामिल थे। हालांकि अभिजीत मुखर्जी ने इसे खारिज कर दिया था और कहा था कि ये लोग मेरे पिता जी के अच्छे मित्र हैं और उनके आवास पर चाय के लिए आए थे। बता दें कि अभिजीत मुखर्जी जंगीपुर से सांसद रह चुके हैं और ममता बनर्जी के साथ उनके काफी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में अभिजीत को जंगीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था।