चाइनीज मांझे से कवि की गर्दन कटी, प्रतिबंध के बावजूद हो रही बिक्री

 


घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां पर उसे छह टांके लगे हैं।

पंकज गुप्ता ने बताया कि रविवार को वह अपने दोस्त अजय के साथ गगन सिनेमा से मानसरोवर पार्क स्थित अपनी फैक्ट्री जा रहे थे। मोटरसाइकिल वह खुद चला रहे थे गगन सिनेमा से थोड़ी दूर चले अचानक उनकी गर्दन पर मांझा आ गया।इससे गर्दन कट गयी।

नई दिल्ली। यमुनापार में चाइनीज मांझा अपना कहर लगातार बरपा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद इस मांझे से हर रोज कोई-न-कोई घायल हो रहा है। नंद नगरी इलाके में एक कवि की चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गर्दन कट गई। हादसे के वक्त कवि पंकज गुप्ता मोटरसाइकिल से अपनी फैक्ट्री जा रहे थे। गर्दन को बचाने के लिए जब पीड़ित ने हाथ आगे किया तो उनका अंगूठा भी कट गया। घायल हालत में उन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती करवाया, उनकी गर्दन पर छह टांके आएं हैं। अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

दोस्त के साथ पंकज गुप्ता जा रहे थे फैक्ट्री

पंकज गुप्ता ने बताया कि रविवार को वह अपने दोस्त अजय के साथ गगन सिनेमा से मानसरोवर पार्क स्थित अपनी फैक्ट्री जा रहे थे। मोटरसाइकिल वह खुद चला रहे थे, गगन सिनेमा से थोड़ी दूर चले अचानक उनकी गर्दन पर मांझा आ गया। मांझे से गर्दन कटने के साथ जलन सी होने लगी, उन्होंने हाथ से मांझे को हटाने की कोशिश की तो उनका अंगूठा भी कट गया।

हर दिन हो रही इस तरह की घटनाएं

पंकज ने किसी तरह मोटरसाइकिल रोकी, उनके दोस्त ने घायल हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया। पीड़ित का कहना है कि प्रतिदिन इस तरह की घटनाएं बढ़ने लगीं हैं, एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार चाइनीज मांझे पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

प्रतिबंध के बावजूद हो रही बिक्री

इसके बावजूद प्रशासन की नाक के नीचे दुकानदार मांझे को बेच रहें हैं और लोग खरीद भी रहे हैं। ठीक होने के बाद वह जिलाधिकारी और पुलिस उपायुक्त से मिलेंगे। इसके साथ ही समाज में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों से अपील करेंगे वह चाइनीज मांझे का न बेचे और न ही इससे पतंग उड़ाएं।