बड़ी खबर: हरियाणा सरकार पंचकूला को राजधानी के विकल्प के तौर पर करेेगी विकसित, ब्‍लूप्रिंट तैयार

 


हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की फाइल फोटो।

हरियाणा की मनोहरलाल सरकार पंचकूला को हरियाणा की वैकल्पिक राजधानी के तौर पर विकसित करेगी। वैसे चंडीगढ़ पर उसका दावा अभी की तरह ही रहेगा। मनोहरलाल सरकार के रुख को देखते हुए बिल्‍डरों ने मोहाली की जगह पंचकूला की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।

चंडीगढ़  । हरियाणा और पंजाब सरकारों में राजधानी को लेकर चल रहे झगड़े के बीच मनोहर सरकार ने पंचकूला को विकल्प के तौर पर राजधानी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। गुरुग्राम और फरीदाबाद की तर्ज पर पंचकूला को विकसित शहरों की श्रेणी में लाकर खड़ा करने के लिए सरकार के पास जहां योजनाओं की भरमार है, वहीं जमीनों के दाम बेहद सस्ते कर सरकार ने डेवलपर्स के लिए पंचकूला के रास्ते खोल दिए हैं। प्रदेश सरकार पंचकूला को आदर्श जिला बनाने के लिए प्रयासरत दिखाई दे रही है। इसके बावजूद उसका राजधानी के लिए चंडीगढ़ पर दावा बरकरार रहेगा।

 पंजाब से झगड़े के बीच चंडीगढ़ पर नहीं होगा हरियाणा सरकार का दावा कम

पंचकूला से दूसरी बार विधायक चुने गए हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष करीब एक दर्जन विकास परियोजनाएं प्रस्तुत की हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की स्वयं की सोच है कि जिस तरह पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ से सटे मोहाली को विकसित करने पर फोकस किए रखा, उसी तरह हरियाणा सरकार पंचकूला को राष्ट्रीय फलक पर ख्याति दिलाने का काम करेगी।

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बिल्डरों ने मोहाली व जीरकपुर का मोह छोड़ा, पंचकूला की तरफ किया रुख

अभी तक बिल्डर मोहाली और जीरकपुर में ही पैसा लगाने की सोच रखते रहे हैं। नई इंडस्ट्री और शापिंग कांप्लेक्स के अलावा रिहायशी सुविधाओं के लिए भी मोहाली बिल्डरों की पहली पसंद रहा है, लेकिन जब से सरकार ने पंचकूला में तमाम तरह के शुल्क में भारी कटौती कर जमीनों के रेट खासे सस्ते कर दिए हैं, बिल्डर और डेवलपर्स का सुझाव पंचकूला की तरफ बढ़ने लगा है।

पंचकूला विकास प्राधिकरण के सीइओ की नियुक्ति इसी सप्ताह होनी संभव

प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम व फरीदाबाद की तरह पंचकूला में भी मेट्रोपालिटिन अथारिटी बनाकर संदेश दिया है कि वह इस शहर के विकास को लेकर खासी गंभीर है। इसी सप्ताह पंचकूला विकास प्राधिकरण के सीइओ की नियुक्ति होने की संभावना है।

एजुकेशन, मेडिसिटी, फिल्म सिटी और यूनिवर्सिटी से बढ़ेगी पंचकूला की शान

प्रदेश सरकार पंचकूला में अंतरराष्ट्रीय सब्जी मंडी, एजुकेशन सिटी, मेडिसिटी और पिंजौर में फिल्म सिटी का निर्माण करने जा रही है। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता अपने प्रयासों से इस जिले व शहर की सड़कों का कायाकल्प कराने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं। शहर को व्यवस्थागत तरीके से आगे बढ़ाने के लिए जहां चंडीगढ़ की तर्ज पर यहां साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं, वहीं चौक-चौराहों की सुंदरता का खास ध्यान रखा जा रहा है।

 पंचकूला का मोदी कनेक्शन, 450 करोड़ रुपये से बदलेगी सूरत

हरियाणा सरकार के अधिकतर कार्यालय पंचकूला में ही हैं। इसलिए चंडीगढ़ और पंचकूला का आपसी कनेक्शन आजतक कम नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भाजपा प्रभारी थे, तब उनका अधिकतर समय पंचकूला में बीता है। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से उनके आत्मीय रिश्ते हैं। स्पीकर के प्रयासों और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में माता मनसा देवी और नाडा साहिब गुरुद्वारे के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। 250 करोड़ रुपये की लागत से आयुष विश्वविद्यालय यहां बनाया जा रहा है, जबकि 150 करोड़ रुपये की लागत से एनआइएफटी की स्थापना का काम चल रहा है।

 मेडिसीटी के लिए तीन बड़े अस्पतालों में प्रतिस्पर्धा

स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के अनुसार चंडी मंदिर एरिया में 127 एकड़ में एजुकेशन सिटी बनाने की योजना है। मेडीसिटी प्रोजेक्ट के तहत तीन बड़े अस्पतालों मैक्स, फोर्टिस और मेदांता आदि की चेन यहां खोलने के लिए नीलामी प्रक्रिया अपनाने पर विचार चल रहा है। विश्वविद्यालय खोलने के लिए डीएवी और एसडी संस्थाओं ने पंचकूला में खास रुचि दिखाई है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) खोलने की दिशा में भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है।