भारत को जल्द सौंपा जा सकता है तहव्वुर राणा, बाइडन प्रशासन ने कोर्ट से शीघ्र प्रत्यर्पण आदेश देने का किया आग्रह

 


26/11 मुंबई हमले में वांछित राणा अमेरिका की जेल में है बंद

अदालत में राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करते हुए बाइडन प्रशासन ने कहा है कि भारत ने प्रत्यर्पण के संबंध में दिए गए अनुरोध में राणा के ऊपर जो भी आपराधिक आरोप लगाए हैं उनके संबंध में पर्याप्त सबूत पेश किए हैं।

वाशिंगटन, प्रेट्र। मुंबई हमले में वांछित कुख्यात आतंकी तहव्वुर राणा को जल्द भारत के हवाले किया जा सकता है। अमेरिका की बाइडन सरकार ने उसके जल्द भारत प्रत्यर्पण का आदेश जारी करने का लास एंजिलिस की अदालत से आग्रह किया है। इसी कोर्ट में राणा के प्र‌र्त्यपण का मामला चल रहा है।

59 वर्षीय तहव्वुर राणा को मुंबई के 26/11 हमले के बाद से ही भारत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ है। इस हमले को लेकर उस पर कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। राणा को भारत के अनुरोध पर ही जून 2020 में लास एंजलिस में दोबारा गिरफ्तार किया गया था।

अदालत में राणा के प्रत्यर्पण का अनुरोध करते हुए बाइडन प्रशासन ने कहा है कि भारत ने प्रत्यर्पण के संबंध में दिए गए अनुरोध में राणा के ऊपर जो भी आपराधिक आरोप लगाए हैं, उनके संबंध में पर्याप्त सबूत पेश किए हैं।भारत के प्रस्ताव में सभी जरूरी दस्तावेज भी पेश किए गए हैं। अमेरिकी अटार्नी ने भारत के मसौदे को पूरी तरह से प्रत्यर्पण के अनुरूप पाया है।

भारत ने अदालत में बताया कि मुंबई हमले को अंजाम देने का काम राणा के बचपन के दोस्त लश्करे तैयबा के हेडली कोलमेन ने किया है। उसने पाक में आतंकवादियों की मदद से इस हमले को अंजाम दिया। इसमें उसकी पूरी मदद राणा ने की। उसने हेडली को जाली दस्तावेज के जरिये बिजनेस वीजा आदि की सुविधा देकर भारत पहुंचाया। भारत ने इसके भी अदालत में पर्याप्त सबूत पेश किए हैं। साथ ही गंभीर आतंकी घटना में मास्टर माइंड हेडली कोलमेन के संबंध में भी मजबूत तथ्य पेश किए गए हैं। 2008 में हुए इस हमले में 166 से ज्यादा लोग मारे गए थे।