अश्लील फ़िल्मों के कारोबार में शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा तक कैसे पहुंची मुंबई पुलिस



Raj Kundra with Shilpa Shetty in happier times. Photo- Instagram

 पुलिस ने एक टिप पर कार्रवाई करते हुए 4 फरवरी को मुंबई के मढ आइलैंड में स्थित एक बंगले पर छापा मारा था। छापे में अश्लील फ़िल्म बनाते हुए पांच लोग पकड़े गये। दो लोग आपत्तिजनक स्थिति में मिले।

नई दिल्ली। फ़िल्म इंडस्ट्री में इस वक़्त शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा की गिरफ़्तारी का मुद्दा छाया है। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार देर रात राज को अश्लील फ़िल्में बनाने और उन्हें ऐप के ज़रिए प्रसारित करने के आरोप में गिरफ़्तार किया था।

मंगलवार दोपहर को राज और अन्य आरोपी रायन थार्प को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को तीन दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। इस संगीन केस में राज कुंद्रा का नाम शुरू से शामिल नहीं था, बल्कि अश्लील वीडियो बनाने के केस की जांच के दौरान उनका नाम सामने आया और आख़िरकार पुलिस के मुताबिक वो इस कारोबार के मुख्य साजिशकर्ता निकले। 

मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर मिलिंद भराम्बे ने मंगलवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केस का पूरा ब्योरा दिया था, कैसे पुलिस राज कुंद्रा तक पहुंची।

मढ आइलैंड के बंगले में छापे से हुई शुरुआत

एनडीटीवी वेबसाइट के अनुसार, पुलिस ने एक टिप पर कार्रवाई करते हुए 4 फरवरी को मुंबई के मढ आइलैंड में स्थित एक बंगले पर छापा मारा था। छापे में अश्लील फ़िल्म बनाते हुए पांच लोग पकड़े गये। दो लोग आपत्तिजनक स्थिति में मिले। इस छापे में बचायी गयी एक महिला शिकायतकर्ता बन गयी। इसके साथ क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। कुछ दिन बाद पुलिस ने रोवा ख़ान नाम के प्रोड्यूसर और एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ को गिरफ़्तार किया। गहना फ़िलहाल ज़मानत पर हैं। उनका कहना है कि उन्हें ग़लत गिरफ़्तार किया गया था। वो लोग अश्लील फ़िल्में नहीं, बल्कि कामुक फ़िल्में (इरोटिका) शूट कर रहे थे।

इसके बाद पुलिस की जांच हॉटशॉट्स जैसी उन ऐप्स की ओर मुड़ी, जिन पर ये फ़िल्में अपलोड की जाती थीं। जांच में पुलिस को उमेश कामत के बारे में पता चला, जो लंदन की कंपनी केनरिन प्राइवेट लिमिटेड के लिए काम करता था। उमेश, राज कुंद्रा का पूर्व कर्मचारी था और पूछताछ में उसी ने सबसे पहले राज का नाम लिया था। 

ऐप के बिज़नेस में राज का नाम आने से इस केस को एक नई दिशा मिली। पुलिस के अनुसार, राज का नाम पहले भी आया था, लेकिन उनके ख़िलाफ़ कुछ ठोस नहीं मिला था। पुलिस को आगे जांच में पता चला कि हॉटस्पॉट्स ऐप पर मालिकाना हक़ केनरिन का था, मगर राज कुंद्रा की कम्पनी वियान इंडस्ट्रीज़ इसका संचालन कर रही थी।

राज के दफ़्तर से मिले पक्के सबूत

पुलिस का मानना है कि भारत में क़ानून से बचने के लिए ऐप्स पर क्लिप्स अपलोड करने के लिए केनरिन का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को राज कुंद्रा के ऑफ़िस की तलाशी लेने पर कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनसे उनके मुख्य साजिशकर्ता होने का पता चलता है। 

ज्वाइंट सीपी के अनुसार, पुलिस को एग्रीमेंट के कागज़ात, ईमेल्स, वॉट्सऐप चैट्स और पोर्नोग्राफिक क्लिप्स मिली हैं। इसके बाद ही राज कुंद्रा की गिरफ़्तारी हुई थी। इससे पहले फाइल की गयी एक चार्जशीट में राज कुंद्रा का नाम नहीं शामिल किया गया था, क्योंकि उनकी भूमिका की पुष्टि नहीं हो सकती थी।