दिल्ली सचिवालय की तीसरी मंजिल पर जाने से क्यों डरते हैं कर्मचारी

 


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इस मंजिल पर मुख्यमंत्री बैठते हैं और इस मंजिल पर सुरक्षा का तामझाम अन्य मंजिलों की अपेक्षा अधिक रहता है बल्कि उन्हें डर कोरोना से है। दरअसल इस मंजिल पर बैठने वाले दो कर्मचारी कोरोना की दूसरी लहर में अपनी जान गंवा चुके हैं।

नई दिल्ली । दिल्ली सचिवालय की तीसरी मंजिल पर कर्मचारी इन दिनों जाने से कतराते हैं। इसके पीछे उनके मन में डर की बात है। उन्हें इससे डर नहीं है कि इस मंजिल पर मुख्यमंत्री बैठते हैं और इस मंजिल पर सुरक्षा का तामझाम अन्य मंजिलों की अपेक्षा अधिक रहता है, बल्कि उन्हें डर कोरोना से है। दरअसल, इस मंजिल पर बैठने वाले दो कर्मचारी कोरोना की दूसरी लहर में अपनी जान गंवा चुके हैं। पहले मुख्यमंत्री कार्यालय के उपसचिव की कोरोना के कारण डेढ़ महीने पूर्व मृत्यु हुई। उनके बाद इस कार्यालय से संबंधित एक अन्य कर्मचारी की भी कोरोना से मौत हो गई। इन घटनाओं को लेकर सचिवालय के तीसरी मंजिल पर कार्यरत कई कर्मचारी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि तीसरी मंजिल पर वेंटिलेशन की सुविधा नहीं है। बहरहाल, बात अब सत्ता के सर्वाेच्च शिखर तक पहुंच चुकी है।

नेताजी बन रहे हैं रिपोर्टर

इन दिनों कई नेता अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए इंटरनेट मीडिया का प्रयोग कर रहे हैं। अधिकतर नेता अपनी बात साधारण तरीके से रिकार्ड करके इंटरनेट मीडिया पर भेज दे रहे हैं। वहीं, कई इसे आकर्षक बनाने के लिए तरह-तरह के तरकीब अपना रहे हैं। इस कोशिश में कई नेता जनसमस्या या किसी अन्य मुद्दे को लेकर मौके से लाइव रिपोìटग कर रहे हैं। पूर्व विधायक व भाजपा नेता विजय जौली का भी इस तरह का एक वीडियो चर्चा में है। वह बारिश होने पर संगम विहार में जलभराव की समस्या का अंग्रेजी में वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट किए हैं। कार्यकर्ता उनसे पूछ रहे हैं कि नेताजी उस क्षेत्र में रहने वाले कम पढ़े लिखे, मजदूर व गरीब जनता तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं या फिर कुछ खास लोगों तक?