दिल्ली जल बोर्ड में निविदा जारी करने में नियमों की अवहेलना का आरोप, भाजपा करेगी एलजी से शिकायत


दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता: सौ. ट्वीटर

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार और बोर्ड के अध्यक्ष को यह बताना चाहिए कि आखिर किन कारणों से पहले निविदा रद की गई और बाद में पुरानी कंपनी को काम आवंटित कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की जांच केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से कराने की मांग की।

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। भाजपा ने दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाटार और दिल्ली सरकार की गलत नीतियों की वजह से लाभ में रहने वाला जल बोर्ड अब बदहाल हो गया है। उन्होंने बोर्ड में निविदा जारी करने में नियमों की अवहेलना का आरोप लगाया है। कहा कि द्वारका में जल शोधन संयंत्र बनाने के लिए लिए जारी निविदा को बिना कारण बताए पहले रद कर दिया गया। कुछ माह बाद संबंधित कंपनी को वापस काम दे दिया गया।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि द्वारका में जल शोधन संयंत्र बनाने के लिए 280 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई थी। पिछले वर्ष एक अक्टूबर को हुई बोर्ड की 153 वीं बैठक में इसे बिना कारण बताए रद कर दिया गया। वहीं, पिछले माह हुई बोर्ड 157 वीं बैठक में रद निविदा से संबंधित कंपनी को फिर से काम आवंटित कर दिया गया। नियम के अनुसार निविदा रद करने के फैसले को 90 दिन के बाद वापस नहीं लिया जा सकता है। नई निविदा जारी करके ही किसी को काम आवंटित किया जा सकता है, लेकिन यहां इस नियम का पालन नहीं किया गया।

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मामले को विधानसभा में उठाएगी भाजपा

आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार और बोर्ड के अध्यक्ष को यह बताना चाहिए कि आखिर किन कारणों से पहले निविदा रद की गई और बाद में पुरानी कंपनी को काम आवंटित कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की जांच केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से कराने की मांग की। कहा कि इस मामले की शिकायत उपराज्यपाल अनिल बैजल से भी की जाएगी। भाजपा विधायक विधानसभा में यह मामला उठाएंगे और पार्टी जनता के बीच इसे लेकर जाएगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के अध्यक्ष बनने के बाद से जल बोर्ड में निविदा जारी करने में नियमों की अवहेलना हो रही है। बोर्ड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। इस वजह से न ड्रेनेज प्रणाली सही है और न जल आपूर्ति की स्थिति में सुधार। यमुना की सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने जल बोर्ड के खातों का आडिट कराने की भी मांग की। प्रेस वार्ता में दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य विजय भगत, राजीव कुमार व सतपाल मलिक मौजूद थे।