इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके के आरोपियों की साइकोएनालिटिक जांच रिपोर्ट स्पेशल सेल को मिली

 



इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके के बाद जांच करती एनआइए की टीम।

इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके के मामले में 24 जून को गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों नजीर हुसैन जुल्फिकार अली वजीर अयाज हुसैन व मुजम्मिल हुसैन की एम्स में कराई गई साइकोएनालिटिक जांच की रिपोर्ट स्पेशल सेल को मिल गई है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके के मामले में 24 जून को गिरफ्तार किए गए चार संदिग्धों नजीर हुसैन, जुल्फिकार अली वजीर, अयाज हुसैन व मुजम्मिल हुसैन की एम्स में कराई गई साइकोएनालिटिक जांच की रिपोर्ट स्पेशल सेल को मिल गई है। दो सप्ताह पहले स्पेशल सेल ने इनकी एम्स में यह जांच कराई थी। डाक्टरों के पैनल ने रिपोर्ट में बताया है कि चारों से जितने सवाल पूछे गए उनमें दो ने सभी सवालों के सही उत्तर दिए और दो ने आधा सच ही बताया। दरअसल यह जांच पुलिस अदालत के निर्देश व आरोपितों की सहमति लिए बगैर करा सकती है। इसलिए पुलिस ने एम्स में इनकी जांच कराई थी।

नार्को टेस्ट के लिए अदालत से अनुमति लेने के अलावा आरोपितों की भी सहमति प्राप्त करना जरूरी होता है। साइकोएनालिटिक जांच के जरिये यह पता लगाया जाता है कि आरोपित किस चीज से अधिक प्रभावित हैं और अपराध के पीछे उनकी मंशा क्या थी। 24 जून को आइबी व कारगिल पुलिस के साथ मिलकर स्पेशल सेल ने कारगिल से चार संदिग्धों को इजरायली दूतावास के बाहर हुए धमाके के मामले में गिरफ्तार किया था। उनकी योजना राजधानी में आतंकी हमले की भी थी। ये सभी थांग गांव, जिला कारगिल, लद्दाख के रहने वाले हैं। सभी छात्र हैं, इनमें दो आरोपितों ने दिल्ली विश्वविद्यालय से भी पढाई की है।

इजरायली दूतावास के बाहर धमाके से पहले चारों दिल्ली विश्वविद्यालय के पास स्थित विजय नगर में रहते थे। ब्लास्ट वाले दिन चारों ने अपने अपने मोबाइल बंद कर दिए थे और दिल्ली छोड़कर वापस लद्दाख चले गए थे। इसी साल 29 जनवरी को डा. एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित इजरायली दूतावास के बाहर फुटपाथ पर बम धमाके में कई गाडि़यों के शीशे टूट गए थे। मामले की जांच पहले स्पेशल सेल कर रही थी। बाद में जांच एनआइए को सौंप दी गई थी।

एनआइए ने सीसीटीवी कैमरे में नजर आए दो संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की थीं। इसके बाद उनके बारे में सुराग देने वाले को 10-10 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। सीसीटीवी कैमरे में नजर आए दोनों संदिग्ध जामिया नगर से आटो से वहां आए थे और धमाके के बाद आटो से अकबर रोड होते हुए चले गए थे। अकबर रोड पर उन्होंने अपनी जैकेट उतार दी थी।