डॉक्टर हर्षवर्धन बोले, डिजिटल इंडिया की पहल का ताज है CoWIN और टीकाकरण अभियान का रीढ़


केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने CoWIN ग्लोबल कॉन्क्लेव का किया उद्घाटन

 टीकाकरण अभियान और देश ने जो मील का पत्थर हासिल किया है उसके बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 36 करोड़ (360 मिलियन) कोरोना रोधी वैक्सीन खुराक देने के करीब पहुंच रहा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कोविन प्लेटफार्म की जमकर तारीफ की। सोमवार को उन्होंने कहा कि कोविन (CoWIN) प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया पहल के एक महत्तवपूर्ण गहने के सामान है, जो कि देश के टीकाकरण अभियान की रीढ़ बना हुआ है। हर्षवर्धन ने CoWIN ग्लोबल कॉन्क्लेव में कहा कि CoWIN हमारी डिजिटल इंडिया पहल का ताज है। यह प्लेटफॉर्म दुनिया की आबादी के एक बड़े फीसद को आसानी से टीकाकरण की सुविधा के साथ-साथ पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जाना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि CoWIN भारत के टीकाकरण अभियान का आधार है जो नागरिक पंजीकरण, नियुक्ति समय-निर्धारण, टीकाकरण और प्रमाणन के प्रबंधन को बखूबी संभालता है।

उन्होंने कहा कि पारदर्शी प्रणाली टीके की प्रत्येक खुराक की ट्रैकिंग, टीकाकरण सुविधाओं पर आपूर्ति की निगरानी की अनुमति देती है ताकि मांग को बारीक स्तर पर रिकॉर्ड किया जा सके। वास्तव में, इसने सभी के लिए टीके की पहुंच और समावेशिता को सक्षम किया है।टीकाकरण अभियान में देश ने जो मील का पत्थर हासिल किया है, उसके बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 36 करोड़ (360 मिलियन) कोरोना रोधी वैक्सीन खुराक देने के करीब पहुंच रहा है। हमारे टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद से छह महीने से भी कम समय में एक उपलब्धि हासिल हुई है और हम अपने टीकाकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। दिसंबर 2021 तक टीकाकरण में देश की पूरी वयस्क आबादी को पूरा कर लिया जाएगा।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत कोविन प्लेटफॉर्म को एक प्रौद्योगिकी उपकरण के रूप में पेश करने के लिए उत्साहित है जिसका उपयोग दुनिया भर में अधिक से अधिक सार्वजनिक भलाई के लिए किया जा सकता है। उम्मीद है, देश इस पेशकश से मूल्य और लाभ प्राप्त करने में सक्षम होंगे।

हर्षवर्धन ने कहा कि हमारा CoWIN प्लेटफॉर्म डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की सफलता का आईना है, जिसने लगातार ऊपर की ओर विकास पथ देखा है, कई मील के पत्थर हासिल किए हैं और प्रमुख पहलों से युक्त हैं।इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी CoWIN ग्लोबल कॉन्क्लेव में अपने विचार साझा किए क्योंकि भारत ने CoWIN प्लेटफॉर्म को अन्य देशों के लिए अपने स्वयं के कोरोना इनोक्यूलेशन ड्राइव चलाने के लिए एक डिजिटल पब्लिक गुड के रूप में पेश किया है।