देश में पहली बार Delhi Meerut Expressway पर होगी आटोमेटिक नंबर प्‍लेट रीडर व GPS से टोल वसूली


दिल्‍ली मेरठ एक्‍सप्रेस पर देश में पहली बार होगी जीपीएस से टोल वसूली।

 आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) और जीपीएस की मदद से देश में पहली बार टोल वसूली दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से शुरू होगी। एएनपीआर सिस्टम एक्सप्रेस-वे पर लगाया जा चुका है। जीपीएस का सिस्टम अभी लगाया जाना है।

 मेरठ। आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) और जीपीएस की मदद से देश में पहली बार टोल वसूली दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से शुरू होगी। एएनपीआर सिस्टम एक्सप्रेस-वे पर लगाया जा चुका है। जीपीएस का सिस्टम अभी लगाया जाना है। इसी साल मार्च में केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में घोषणा की थी कि एक साल में जीपीएस से टोल वसूली होगी। जिसके बाद सभी टोल प्लाजा खत्म कर दिए जाएंगे। हालांकि अब इंतजार एक साल का नहीं होगा, बल्कि इसी साल से इसकी शुरुआत दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे से कर दी जाएगी। इसी व्यवस्था की तैयारी के अंतर्गत जल्द ही संबंधित मंत्रलय के सचिव एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे। एएनपीआर व जीपीएस आधारित टोल वसूली की वजह से देरी हो रही है, जबकि एक्सप्रेस-वे अप्रैल में ही शुरू कर दिया गया था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग ने बताया कि एएनपीआर आधार पर टोल वसूली की जाएगी।

बैरियर नहीं होंगे, लेकिन दंड से बच नहीं पाएंगे

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के प्लाजा पर बैरियर तो लगाए गए हैं, लेकिन इसका उपयोग नहीं होगा। यानी प्रवेश व निकास के लिए बैरियर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसे में जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं होगा, वे भी उसमें प्रवेश व निकास कर सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं है कि वे दंड से बचे रहेंगे। नंबर प्लेट रीडर व जीपीएस प्रणाली से उसकी टोल दर तय हो जाएगी, लेकिन फास्टैग न होने पर उसे चालान में परिवर्तित कर दिया जाएगा। नंबर प्लेट के आधार पर चालान घर पर पहुंचेगा। इसमें फास्टैग न लगाने वाले दंड का जुर्माना व टोल शामिल होगा।

प्रतिबंधित वाहनों का भी कटेगा चालान

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया व तिपहिया वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध है, लेकिन ये वाहन अभी धड़ल्ले से चल रहे हैं। लेकिन एएनपीआर से टोल वसूली शुरू होने पर प्रतिबंधित वाहनों से टोल नहीं वसूला जाएगा, बल्कि ट्रैफिक नियम के उल्लंघन पर चालान सीधे घर भेजा जाएगा।

नंबर प्लेट स्कैन होगी..और काट लेंगे टोल

एक्सप्रेस-वे पर नंबर प्लेट रीडर के कैमरे वाहन के नंबरों को आगे और पीछे से स्कैन कर लेंगे। उस नंबर का पूरा विवरण आ जाएगा। प्रवेश द्वार पर नंबर प्लेट रीडर उसका विवरण एकत्र कर लेगा। इसके बाद निकास द्वार पर पहुंचते ही फिर से नंबर प्लेट प्लेट रीडर आगे व पीछे दोनों तरफ से नंबर प्लेट को पढ़ लेगा। फिर संबंधित वाहन का दोनों बार का स्कैन एक साथ मिलान आटोमेटिक तरीके से होगा। फिर जीपीएस की मदद से नंबर प्लेट रीडर यह पता करेगा कि प्रवेश किस स्थान से हुआ था और निकासी किस स्थान से हो रही है। उसी आधार पर दूरी तय करके टोल तय हो जाएगा। यह प्रक्रिया चंद सेकेंड में पूरी होगी। निकासी वाला टोल बूथ पार करते ही फास्टैग से टोल कट जाएगा।