पूर्व भारतीय विकेटकीपर का खुलासा- Dhoni को टीम इंडिया में क्यों उनकी जगह मिला था मौका

 


टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एम एस धौनी (एपी फोटो)

पार्थिव पटेल ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। हालांकि इसके बाद वो भारत के लिए सिर्फ 25 टेस्ट 38 वनडे और दो टी20 मुकाबले ही खेल पाए थे। जब धौनी भारत के परमानेंट विकेटकीपर बने तब पार्थिव पटेल को काफी कम मौके मिलने लगे।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में पहले डेब्यू किया था। उन्होंने अब कहा है कि, वो अपने आप को अनलकी नहीं मानते हैं कि, एम एस धौनी की वजह से उन्हें भारत की तरफ से खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले। पटेल के मुताबिक उन्हें धौनी से पहले टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिला था, लेकिन वो इन मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा पाए और इसी वजह से धौनी ने उनकी जगह ले ली। पार्थिव पटेल ने भारत के लिए महज 17 साल की उम्र में ही डेब्यू कर लिया था। 

उन्होंने कर्टली एंड करिश्मा शो में बात करते हुए कहा कि, सच कहूं तो मुझे नहीं लगता है कि मैं अनलकी था। मुझे धौनी से पहले भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। मुझे टीम से इस वजह से ड्रॉप कर दिया गया क्योंकि इंटरनेशनल स्तर पर मेरा प्रदर्शन कुछ खास नहीं था। इसके बाद महेंद्र सिंह धौनी को मौका मिला और वो टीम इंडिया में आ गए। जब मुझे ड्रॉप किया गया तब तक मैं भारत के लिए 19 टेस्ट मैच खेल चुका था। मैं ये नहीं कह सकता कि, मुझे पर्याप्त मौके नहीं मिले क्योंकि 19 टेस्ट मैच काफी होते हैं। 

पार्थिव पटेल ने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। हालांकि इसके बाद वो भारत के लिए सिर्फ 25 टेस्ट, 38 वनडे और दो टी20 मुकाबले ही खेल पाए थे। जब एक बार एम एस धौनी टीम इंडिया के परमानेंट विकेटकीपर बन गए तब पार्थिव पटेल को काफी कम मौके मिलने लगे। उन्होंने जब अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तब भारतीय टीम में तेंदुलकर, सहवाग, गांगुली, द्रविड़ व लक्ष्मण जैसे दिग्गज मौजूद थे। पार्थिव पटेल ने वर्तमान भारतीय टेस्ट टीम की तारीफ करते हुए कहा कि, विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम में ज्यादा गहराई है।